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भारत में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन
क्या आप जानते हैं भारत में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशन बेहद जरूरी है?
सुरक्षा से जुड़ा ये कदम तब उठाया जाता है, जब कोई नए पासपोर्ट या पुराने पासपोर्ट को फिर से जारी करने के लिए आवेदन करता है। हालांकि इस नियम के कुछ अपवाद भी हैं।
यह दस्तावेजों और आवेदन पर निर्भर करेगा।
क्या आप ज्यादा जानना चाहते हैं?
पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनके बारे में सारी जानकारी पाने के लिए आगे पढ़ें।
भारत में पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनके दौरान क्या होता है?
पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनमें आवेदक के पहचान और निवास प्रमाणपत्र की जांच की जाती है। आमतौर पर, आपके स्थानीय पुलिस स्टेशन का अधिकारी इस प्रक्रिया को पूरा करता है।
वेरिफिकेशनकी प्रक्रिया, राज्य और नियमों के हिसाब से अलग हो सकती है। आपके पासपोर्ट आवेदन में दर्ज की गई जानकारी को सत्यापित करने के लिए, पुलिस अधिकारी आपके पते पर आते हैं। आपको अपनी पहचान बताने के लिए दस्तावेज दिखाने पड़ सकते हैं।
इसके अतिरिक्त, पासपोर्ट सेवा वेबसाइट पर आपको नज़दीकी स्थानीय पुलिस स्टेशन की जानकारी मिल जाएगी। पासपोर्ट रि-इश्यू करने के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में इससे मदद मिलेगी।
सफल जांच के बाद, पुलिस अधिकारी क्लीयरेंस रिपोर्ट देता है। इसके आधार पर संबंधित पुलिस स्टेशन से पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट (पीवीआर) की सिफ़ारिश मिलने के 3 दिन बाद पासपोर्ट ऑफिस आपका पासपोर्ट भेज देता है।
अब चलिए, अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशनके प्रकार के बारे में जानते हैं।
पुलिस वेरिफिकेशनके 2 प्राथमिक तरीके होते होते हैं:
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पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनके प्रकार |
उद्देश्य |
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पासपोर्ट के लिए प्री पुलिस वेरिफिकेशन |
आवेदक के पते के अधिकार क्षेत्र में आने वाला पुलिस स्टेशन इस बात का वेरिफिकेशनकरता है। अधिकारी व्यक्ति की ओर से दी गई जानकारी को सत्यापित करता है। इसमें नाम, उम्र, पता शामिल हैं। |
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पासपोर्ट के लिए पोस्ट पुलिस वेरिफिकेशन |
यह वेरिफिकेशनआवेदक का पासपोर्ट जारी करने के बाद किया जाता है। |
अगर आवेदक पासपोर्ट की एक्सपायरी डेट आने से पहले रिन्यूअल का आवेदन जमा कर देता है, तो पासपोर्ट के रि-इश्यू के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है।
आमतौर पर, प्री-पुलिस वेरिफिकेशन सबके लिए अनिवार्य है। हालांकि, अनुबंध ‘जी’ के मुताबिक अनापत्ति प्रमाणपत्र या अनुबंध ‘ए’ के मुताबिक पहचान प्रमाणपत्र देने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए अपवाद भी है।
अब, चलिए जानते हैं कि सुव्यवस्थित आवेदन के लिए पासपोर्ट का पुलिस वेरिफिकेशनकैसे शुरू करें।
पासपोर्ट के ऑनलाइन पुलिस वेरिफिकेशनप्रक्रिया के लिए चरण
आदर्श रूप से, संबंधित पुलिस स्टेशन पासपोर्ट प्राधिकरण से सूचना मिलने के बाद वेरिफिकेशनकरता है। आप पासपोर्ट सेवा वेबसाइट पर पुलिस वेरिफिकेशनके लिए आवेदन कर सकते हैं।
पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनके आवेदन के लिए चरण नीचे बताए गए हैं।
- चरण 1: पासपोर्ट सेवा वेबसाइट पर जाएं और “अभी रजिस्टर करें” पर क्लिक करें।
- चरण 2: रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपने संबंधित आईडी से लॉग इन करें।
- चरण 3: “पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करें” चुनें और फॉर्म पर दोबारा आएं। फॉर्म पर संबंधित जानकारी भरें।
- चरण 4: “भुगतान करें और अपॉइंटमेंट शेड्यूल करें” के विकल्प पर क्लिक करें और भुगतान करें।
- चरण 5: “ऐप्लिकेशन रिसिप्ट प्रिंट करें” का विकल्प चुनें। इससे ऐप्लिकेशन रेफरेंस नंबर (एआरएन) के साथ एक रसीद बनेगी। आपको रजिस्टर नंबर पर एसएमएस के माध्यम से नोटिफिकेशन भी मिल जाएगा।
अपॉइंटमेंट की तारीख पर आपको आरपीओ या पीएसके पर जाना होगा। बताए गए दस्तावेजों की मूल और फोटोकॉपी साथ में ले जाना बिलकुल ना भूलें।
पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनके लिए जरूरी दस्तावेज
पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशनके लिए जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट यहां दी गई है-
वोटर आईडी
आधार नंबर
एफीडेविट
पर्मानेंट अकाउंट नम्बर (पैन)
पासपोर्ट जारी होने के बाद पुलिस वेरिफिकेशनके आवेदन के साथ ये दस्तावेज जमा करने होते हैं। हालांकि, 18 साल से कम के नाबालिगों के लिए पुलिस वेरिफिकेशनजरूरी नहीं होता है।
पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी स्थिति कैसे जांचें?
पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकैसे किया जाता है के साथ आपको इसके स्टेटस जांचने की प्रक्रिया भी पता होनी चाहिए।
आदर्श रूप से, पुलिस वेरिफिकेशनके अलग-अलग स्टेटस जारी करती है। आप इन अपडेट को पासपोर्ट सेवा वेबसाइट के माध्यम से जांच सकते हैं।
नीचे वेरिफिकेशनके स्टेट्स के प्रकार बताए गए हैं-
क्लियर - यह स्टेटस दिखाता है कि आवेदक के रिकॉर्ड में कोई दिक्कत नहीं है।
हानिकर - यह स्टेटस बताता है कि आवेदक की ओर से दी गई जानकारी में कुछ दिक्कत है। इसकी वजह से आवेदन पर रोक लग सकती हैं या फिर ये निरस्त भी हो सकता है। इस स्थिति से बचने के लिए आवेदक को सही जानकारी देनी चाहिए। इसके साथ आपराधिक मामलों से भी बचना चाहिए।
अधूरा - यह स्टेटस दिखाता है कि आवेदक की ओर से दी गई जानकारी अधूरी है। स्टेटस तब भी अधूरा दिखा सकता है, जब पुलिस वेरिफिकेशनकी रिपोर्ट अच्छे से ना भरी हो। कुछ खास मामलों में पुलिस वेरिफिकेशनको अधूरा कह सकती हैं जब व्यक्ति लंबे समय से वर्तमान पते पर ना रह रहा हो।
सफलतापूर्वक वेरिफिकेशनके बाद, संबंधित पुलिस अधिकारी रिपोर्ट देता है।
आवेदक ‘एडवर्स’ या ‘अधूरे’के साथ आई रिपोर्ट के बारे में पुलिस स्टेशन में संपर्क कर सकता है।
हालांकि, ऐसे मामले भी हुए हैं जब किसी भी तरह के वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है।
नए पासपोर्ट के लिए वो शर्तें जिनमें पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है
कुछ खास मामलों में, नए पासपोर्ट के आवेदन के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है। हालांकि ये पासपोर्ट ऑफिस के निर्णय पर निर्भर करता है।
शर्तों में शामिल हैं -
पासपोर्ट की समाप्ति तिथि से पहले दोबारा आवेदन करने वालों पर पासपोर्ट का पुलिस वेरिफिकेशनलागू नहीं होता है। आवेदक को अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) और पुलिस वेरिफिकेशनका सबूत जमा करना होता है।
इसके अलावा, पासपोर्ट के लिए आवेदन करने वाले सरकार, वैधानिक निकाय या पीएसयू के वो कर्मचारी जो अनुलग्नक “बी” के माध्यम से “पहचान प्रमाणपत्र” जमा करते हैं, उन्हें पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है।
राजनयिक या आधिकारिक पासपोर्ट वाले आवेदकों को साधारण पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि उन्हें अनुलग्नक “बी” के माध्यम से पहचान प्रमाणपत्र जमा करना होता है।
ऊपर बताई गई बातें, पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनसे जुड़े आपके सारे भ्रमों को दूर करने में मदद करेंगी। हम सभी जानकारी और नियमों को जानने के लिए आधिकारिक पासपोर्ट सेवा वेबसाइट को जांचने की सलाह देंगे।
यह पासपोर्ट के पुलिस वेरिफिकेशनकी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में आपकी मदद करेगा।
भारत में पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनसे जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या 65+ की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को अपने पासपोर्ट के लिए पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत होती है?
नाबालिग, सरकारी कमर्चारी और 65 साल या इससे ज्यादा के वरिष्ठ नागरिकों को पुलिस वेरिफिकेशनकी जरूरत नहीं होती है।