फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स
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आज क्यों परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना हमेशा से अधिक महत्वपूर्ण है?
डिजिट फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स की विशेषतायें और लाभ
डिजिट द्वारा दिये गए फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स में क्या कवर किया जाता है?
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स पर अतिरिक्त लाभ पाने के लिए कवर
क्या कवर नहीं है?
क्लेम कैसे करें?
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को-पेमेंट |
आपकी आयु के अनुसार कोई को-पेमेंट नहीं |
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कैशलेस हॉस्पिटल |
पूरे भारत में 5900+ कैशलेस हॉस्पिटल, यानी कि कैशलेस हेल्थ इन्शुरन्स की सुविधा |
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क्युमुलेटिव बोनस |
आपके पहले क्लेम-फ्री वर्ष के लिए 20% अतिरिक्त बीमित राशि दी जाएगी |
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मातृत्व लाभ |
डिलीवरी, बांझपन-संबंधित लाभ और नवजात शिशु के लिए कवर |
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उपचार के अन्य उपाय |
वृद्ध माता-पिता के लिए आयुष के अंतर्गत उपचार लाभ |
आपको फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स की जरूरत क्यों है?
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फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स प्लान |
इंडिविजुअल फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान |
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इस प्लान के अन्तर्गत पूरे परिवार के लोग बीमा की राशि को आपस में शेयर करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपकी पूरी बीमा राशि 10 लाख है, तो फिर पूरे परिवार के लोगों को इस राशि को पॉलिसी पूरी होने तक शेयर करना होगा। |
इस प्लान के अंतर्गत परिवार के सभी सदस्य अलग-अलग बीमित राशि प्राप्त करते हैं। अगर बीमित राशि 10 लाख रुपये है, तो परिवार के प्रत्येक सदस्य पर उस पॉलिसी के पूरा होने तक 10 लाख रुपये तक उपचार में खर्च किए जा सकते हैं। जैसे - अगर आप एक इंडिविजुअल प्लान 3 सदस्यों के लिए खरीद रहे हैं तो फिर तीन सदस्यों के लिए मिलने वाली बीमा राशि 30 लाख रुपये होगी। |
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फॅमिली फ्लोटर हेल्थ इन्शुरन्स प्लान एकल परिवारों व नवयुगलों के लिए सबसे अच्छा है। |
इंडिविजुअल हेल्थ इन्शुरन्स प्लान उन परिवारों के लिए उत्तम है जिनके 1 से अधिक बच्चे हैं, या फ़िर उनके लिए जो अपने माता-पिता का इन्शुरन्स करवाना चाहते हैं। इस तरह से सभी के पास अधिक बीमा राशि कवर करने का मौका रहेगा। |
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ऐसी स्थिति में जब परिवार के एक से अधिक लोगों को कोई बीमारी हो रही है तो हो सकता है कि एक अकेली बीमीय राशि पर्याप्त ना हो। |
ऐसी स्थिति में जब आपके एक से अधिक फैमिली मेम्बर को एक ही समय मे बीमारियों से जूझना पड़ता है तो फिर ये इंडिविजुअल बीमित राशि उनके इलाज के लिए पर्याप्त होती है। |
हेल्थ इन्शुरन्स के बारें में और जानें
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स द्वारा दिये जाने वाले कवरेज की डिटेल
क. सुनिश्चित बीमा राशि: 2 लाख | 3 लाख | 4 लाख | 5 लाख | 10 लाख | 15 लाख | 20 लाख | 25 लाख
ख. योजना लाभ
- बीमारी के कारण हॉस्पिटल में भर्ती होने पर: बीमा राशि तक (किसी भी कारण से भर्ती): बीमित राशि तक
- क्रिटिकल इलनेस के लिए हॉस्पिटल में भर्ती होने पर - अतिरिक्त बीमा राशि
- दुर्घटना के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर - अतिरिक्त बीमा राशि
- को-पेमेंट - आपकी आयु के अनुसार कोई को-पेमेंट नहीं
- हॉस्पिटल में कमरे के किराए पर प्रतिबंध - कमरे के किराए पर कोई प्रतिबंध नहीं
- अस्पताल में उपचार के बाद के लिए एकमुश्त खर्च - स्वीकृत बीमित राशि का 3% तक
- वार्षिक स्वास्थ्य जाँच: बीमा राशि का 0.25%
- अस्पताल में खर्च के लिए कैश - 500 रुपये (प्रतिदिन)
- एम्बुलेंस का खर्च: बीमा राशि का 1%
- आई सी यू रूम का किराया: बीमा राशि तक
- मनोचिकित्सा में लाभ: बीमा राशि का 5% से 20% (चुने गये प्लान के अनुसार)
- बैरिएट्रिक सर्ज़री: बीमा राशि का 5% से 100% (चुने गये प्लान के अनुसार)
- बीमा राशि की रिफिल: साल में एक बार, किसी असंबंधित बीमारी के लिए (सिर्फ़ कम्फर्ट विकल्प के लिए)
- अंग दान का खर्च: सिर्फ़ कम्फर्ट विकल्प में उपलब्ध
ग. अतिरिक्त कवर
- मातृत्व लाभ (2 बच्चों तक) और नवजात शिशु के लिए कवर: बीमा राशि का 10%
- ज़ोन अपग्रेड कवर
घ. वेटिंग पीरियड
- क्रिटिकल इलनेस: 30 दिन
- किसी दुर्घटना में अचानक घायल होने पर: तुरंत उपचार, कोई वेटिंग पीरियड नहीं
- मातृत्व लाभ: 24 महीने
- बैरिएट्रिक सर्ज़री: 48 महीने
- अन्य लाभ: 30 दिन
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स क्या है?
परिवार स्वास्थ्य बीमा एक प्रकार का हेल्थ इन्शुरन्स है जो कि आपके और आपके परिवार के लिए एक ही वार्षिक प्रीमियम के साथ तैयार किया गया है।
आज के समय में ना सिर्फ़ इलाज के खर्चे बढ़ गए हैं बल्कि स्वास्थ्य समस्याएं भी चरम पर हैं। ऐसे में एक फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान आपको और आपके परिवार को ऐसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय पूरा कवर देता है। ये स्थितियां किसी भी वजह से हॉस्पिटल में भर्ती होने से लेकर किसी क्रिटिकल इलनेस, दुर्घटना तथा मानसिक रोग के समय तक हर तरह के इलाज के खर्चे में आपको कवर देता है।
आपको फैमिली के लिए हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी की जरूरत क्यों है?
बहुत से लोग फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान्स टैक्स लाभ के लिए लेते हैं। इससे भी बड़ा कारण ये है कि आप इसके माध्यम से ना सिर्फ़ अपने परिवार के स्वास्थ्य को बेहतर कर सकते हैं बल्कि खुद को आर्थिक रूप से मजबूत भी कर सकते हैं।
मुझे ऑनलाइन फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स क्यों लेना चाहिए?
भारत में अक्सर हेल्थ इन्शुरन्स को कराना बहुत भागदौड़ वाला और पेंचीदा काम समझा जाता है। लेकिन चूँकि अब इस प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जा सकता है, आपके लिए सब कुछ बहुत आसान हो गया है।
इससे आपको खुद के लिए बेहतर लाभ वाले प्लान को चुनने में सहूलियत मिलती है। साथ ही आप इसे अपनी माँग के अनुसार ऑनलाइन ही व्यवस्थित कर सकते हैं। ऑनलाइन हेल्थ इन्शुरन्स खरीदने में समय भी कम लगता है और कोई पेपरवर्क भी नहीं होता है!
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान की तुलना करें
अगर आपने कभी ऑनलाइन हेल्थ इन्शुरन्स प्लान नहीं खरीदा है तो हम समझ सकते हैं कि आपको ये थोड़ा अजीब लग सकता है। इसीलिए हम हमेशा आपके इन्शुरन्स प्लान को बेहद आसान रखते हैं और यहाँ पर हम आपका मार्गदर्शन भी करेंगे, जिससे आप हमारे हेल्थ इन्शुरन्स प्लान की तुलना कर सकते हैं और अपनी फैमिली के लिए बेहतर हेल्थ इन्शुरन्स प्लान चुन सकते हैं:
- बीमित राशि: बीमित राशि वो अधिकतम राशि है जो कि हेल्थ इन्शुरन्स कम्पनी आपको क्लेम के समय देती है। इसलिए ये ध्यान रखें कि आप कोई भी सस्ता हेल्थ इन्शुरन्स प्लान ना खरीदें जिसकी प्रीमियम राशि बेहद कम हो, क्योंकि इससे बीमित राशि भी कम हो जाती है!
- मुख्य लाभ: कृपया किसी भी हेल्थ इन्शुरन्स प्लान को खरीदते समय इसके नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि अक्सर हेल्थ इन्शुरन्स प्लान के फायदे देखने में बहुत अच्छे लगते हैं लेकिन जब आप इसे क्लेम करने के लिए जाते हैं, तब असलियत का पता चलता है।
- क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड: अपने इन्शुरन्स कम्पनी से बात कर के ये जरूर पता कर ले कि उनका क्लेमिंग का प्रॉसेस क्या है। अगर कम्पनी नई है तो उनके क्लेम सेटलमेंट का प्रॉसेस क्या है ? ये जरूर जान लें।
- प्रक्रिया: जैसा कि ऊपर बताया गया है आप इन्शुरन्स प्लान के क्लेम की प्रक्रिया को जरूर जान लें। नई इन्शुरन्स कम्पनियाँ इस बात का पूरा ध्यान रखती हैं कि क्लेम के प्रॉसेस में कम से कम पेपरवर्क हो, और हम सभी जानते हैं इस तरह से हम खुद के काम को और आसान बना सकते हैं!
- प्रीमियम: बेशक ये ऐसी चीज है जिसका ध्यान हम किसी भी हेल्थ इन्शुरन्स को लेते समय ध्यान में रखते हैं और हमें ध्यान रखना भी चाहिए। इसमें आप सिर्फ महँगे प्रीमियम को ही बेहतर ना समझें बल्कि हर प्रीमियम के साथ आपको क्या लाभ मिल रहा है इसका अच्छे से आँकलन करें।
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी के लिए प्रीमियम कैसे निर्धारित किया जाता है?
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स की प्रीमियम की गणना के बारे में और अधिक जानें
आपकी और आपके परिवरीजनों की आयु: उम्र अधिक होने के साथ लोगों के बीमार होने की सम्भावनाएं भी बढ़ती जाती है, इसलिए हमें प्रीमियम निर्धारित करते समय उम्र को ध्यान में रखना पड़ता है।
जीवनशैली: आपकी जीवनशैली और कुछ खास तरह की आदतें बीमारियों को बढ़ाती हैं, इसलिए ये आपके प्रीमियम को भी प्रभावित करती हैं। ध्यान रखें कि आपको पॉलिसी कराते समय खुद के और परिवार के सभी सदस्यों की आदतों व लाइफस्टाइल की पूरी जानकारी ईमानदारी से देनी चाहिए क्योंकि बाद में क्लेम के समय जाँच होने पर ये साफ पता चल जाता है कि रोग किसी आदत जैसे कि स्मोकिंग, ड्रिंकिंग आदि के वजह से हुआ है या साधारण रोग है। ऐसे में आपको क्लेम मिलने में दिक्कत हो सकती है।
पहले से मौजूद बीमारी: अगर किसी भी तरह की बीमारी या इन्जरी (आपको और आपके परिवार के लोगों को) है और जिसकी वजह से आप अभी भी प्रभावित हैं, या जिस बीमारी का इलाज इन्शुरन्स खरीदने के पिछले 48 महीनों के भीतर हुआ है, तो आपको फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स पॉलिसी खरीदते समय इन्शुरन्स कम्पनी को इसके बारे में बताना होता है।
पुराने रोग आपके प्रीमियम राशि पर भी प्रभाव डाल सकते हैं। लेकिन लाइफस्टाइल वाले मामले की तरह आपको ये भी इन्शुरन्स करवाने के पहले बताना होता है, जिससे कि आपको वेटिंग पीरियड का लाभ मिल सके। (वह समय जिसमें किसी रोग या बीमारी के लिए क्लेम नहीं किया जा सकता, उसे वेटिंग पीरियड कहते हैं)
उपचार का शहर: अलग-अलग शहरों में प्रदूषण का स्तर, दुर्घटना की संभावना और इलाज के खर्चे आदि अलग-अलग होते हैं। इसीलिए आप और आपका परिवार जिस शहर में रहते हैं, वहाँ के अनुसार आपको प्रीमियम की राशि कम और ज्यादा हो सकती है।
कैशलेश क्लेम क्या है?
जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है, कैशलेश क्लेम करने पर आपको अपनी जेब से कोई भुगतान नहीं करना होता है। हालाँकि ये तभी सम्भव है जब आप हमारे नेटवर्क वाले किसी हॉस्पिटल में अपना इलाज करवा रहे हैं।
कैशलेश हेल्थ क्लेम को कैसे सेटल करें?
- साधारण स्थिति में हॉस्पिटल जाने पर हमसे फोन या ईमेल द्वारा 72 घंटे पहले सम्पर्क करें। यदि इमरजेंसी में हॉस्पिटल जाना है, तो 24 घंटो के भीतर संपर्क करें।
- अपना हेल्थ कार्ड/ कॉपी और e-कॉर्ड तथा आईडी प्रूफ के साथ ही हॉस्पिटल द्वारा दिया जाने वाला प्री-ऑथराइजेशन फॉर्म प्राप्त करें।
- फॉर्म भरें, उस पर साइन करें और फिर इसे हॉस्पिटल अथॉरिटी के पास जमा करा दें।
- इसके बाद सुनिश्चित करें कि हॉस्पिटल ने आपके द्वारा साइन किये गए फॉर्म को थर्ड-पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (टी पी ए) या सर्विस प्रोवाइडर को आगे की कार्यवाही के लिए भेज दिया है।
- एक बार आपका फॉर्म आगे पहुँच जाता है तो टी पी ए आपकी पॉलिसी के नियम और शर्तों की जाँच करने के बाद हॉस्पिटल के लिए एक ऑथराइजेशन लेटर जारी कर देता है।
- जब सब कुछ अप्रूव हो गया हो और आपको उपचार की अनुमति मिल गयी हो, तब आपको उपचार आरंभ करा देना चाहिए। इस फॉर्म के भरे जाने के 15 दिनों के भीतर जरूरी इलाज का प्रॉसेस शुरू हो जाना चाहिए।
भुगतान (रीमबर्समेंट) क्लेम क्या है?
भुगतान क्लेम सबसे ज्यादा उपयोग में लाया जाने वाला क्लेम है। ऐसा इसलिए क्योंकि आप भारत के अन्दर किसी भी हॉस्पिटल में जाकर, चाहे वो हमारे नेटवर्क में ना भी हो, तो भी इस क्लेम को कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस तय समय के भीतर सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स जमा करने होते हैं और भुगतान की राशि प्राप्त कर लेनी होती है।
भुगतान क्लेम को करने की क्या प्रक्रिया है?
- आप जिस भी हॉस्पिटल में इलाज करवाने जा रहे हैं वहाँ पहुँचने के 48 घन्टे के भीतर हमें या टीपीए को इसकी जानकारी दें दे।
- इसके बाद हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के 30 दिनों के भीतर सभी जरूरी ओरिजिनल डॉक्युमेंट्स और बिल हमें उपलब्ध करवा दें।
- हमारी टीम सभी कागजों को जाँच कर 30 दिनों के भीतर आवश्यक धनराशि की पूर्ति कर देगी। यदि हम ऐसा नहीं करते हैं, तो निर्धारित बैंक वर्तमान ब्याज दर से 2 प्रतिशत अधिक दर पर हमारे द्वारा यह आपको देय होगा।
अपने फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स के लिए किस तरह से सही बीमा राशि का चुनाव करें?
उम्र: अगर आपकी अभी तक शादी नहीं हुई है या आप जल्द ही शादी करने वाले हैं तो अधिक बीमा राशि वाले हेल्थ इन्शुरन्स प्लान को चुनें। आपकी उम्र जितनी कम होगी प्रीमियम की राशि भी उतनी ही कम होगी और आवश्यकता पड़ने तक आपका अधिकतर वेटिंग पीरियड भी खत्म हो चुका होता है।
जीवन के पड़ाव: जब आपके जीवन में कोई बड़ा बदलाव आता है तो आपको अधिक बीमा राशि की जरूरत पड़ती है। जैसे कि यदि आप जल्द ही दूसरा बच्चा प्लान करने वाले हैं या आपके माता-पिता बूढ़े हो रहे हैं और आप उनका इकलौते ध्यान रखने वाले हैं।
आश्रितों की संख्या: आपके परिवार के सभी सदस्यों की इन्शुरन्स पॉलिसी करवाकर उन्हें भविष्य में होने वाली बीमारियों के समय इलाज में होने वाले अधिक खर्चे से सुरक्षित रखना सबसे अच्छा उपाय है।
स्वास्थ्य की स्थिति: अगर आपके परिवार में कोई बीमारी अनुवांशिक है या आपके शहर में कोई बीमारी तेजी से अपना पैर पसार रही है तो ऐसी स्थिति में आपको अधिक राशि का इन्शुरन्स कराना चाहिए।
लाइफस्टाइल: अगर आप किसी मेट्रो सिटी में या अधिक प्रदूषण वाले शहर में रह रहे हैं, आप रोजाना भारी ट्रैफिक का सामना कर रहे हैं तथा ऑफिस के काम मे बहुत तनाव ले रहे हैं तो आपके बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में आपको खुद के लिए ज्यादा राशि का हेल्थ इन्शुरन्स करवाना चाहिए।
फैमिली मेडिकल इन्शुरन्स में क्रिटिकल इलनेस के लिए कवर क्या है?
यह एड-ऑन हर कोई चुन सकता है। गंभीर बीमारी संबंधित यह लाभ खासतौर पर आपके और आपके परिवार के सदस्यों के किसी बड़ी बीमारी से ग्रसित होने पर बढ़ने वाले इलाज के खर्चे को कवर करता है। इस प्रकार के रोगों की सूची में हर तरह के कैंसर का इलाज और दवा का खर्च, किडनी फेलियर, हार्ट अटैक, अपंगता समेत अन्य बीमारियाँ भी आती हैं।
मातृत्व लाभ क्या है और ये मुझे कब मिलना चाहिए?
अगर आप या आपके जीवनसाथी की उम्र 40 वर्ष से कम है और आप खुद के लिए पहले या दूसरे बच्चे का प्लान बना रहे हैं, तो फिर आप मैटर्निटी कवर को चुन सकते हैं। साधारणतः इसमें वेटिंग पीरियड होता है (इसलिए अच्छा होगा कि आप पहले से ही इस विकल्प को चुनकर के रखें) और ये हॉस्पिटल में भर्ती होने के दौरान होने वाले खर्च को कवर करता है।
इसके साथ ही ये गर्भावस्था के समय आने वाली किसी भी विषम परिस्थिति, जरूरी दवा के खर्च तथा डिलीवरी के समय के खर्चे को भी कवर देता है। इस विकल्प को चुनने का सबसे अच्छा समय तब है जब आप शादी करने जा रहे हों या 1 या 2 साल में बच्चे के बारे में सोच रहे हों।
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स प्लान खरीदने की सबसे बेहतर उम्र कौन सी है?
सच कहें तो जितनी जल्दी आप इसे ले लेते हैं, उतना बेहतर है! ऐसा करने से आपको प्रीमियम राशि भी कम होगी और चुने हुए लाभों के लिए वेटिंग पीरियड भी पार हो चुका होगा। हम ऐसे समय मे रह रहे हैं जहाँ स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने के साथ दवा के खर्चे भी दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। एक फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स ना सिर्फ आपको सुरक्षित रखता है बल्कि एक साथ आपके पूरे परिवार के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने का काम करता है।
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स को लेकर प्रचारित मिथक
- फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स सिर्फ उन्हीं के लिए है, जिनके माता-पिता बूढ़े हो चुके हैं।
- फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स सिर्फ टैक्स लाभ के लिए होता है।
- फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स सिर्फ उन्हीं के लिए ठीक है जो बीमार हैं या जिन्हें पहले से ही कोई बड़ी बीमारी है।
- जिन लोगों के पास बचत नहीं है, सिर्फ उन्हीं को फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स की आवश्यकता है।
फैमिली हेल्थ इन्शुरन्स खरीदते समय इन गलतियों से बचें।
- प्रीमियम बचाने के लिए कम राशि वाले इन्शुरन्स प्लान लेना।
- पहले से बनी आदतों जैसे कि स्मोकिंग, ड्रिंकिंग और और डायबटीज जैसी समस्याओं के बारे में बीमा कंपनी को ना बताना।
- पहले से ही या बच्चा प्लान करते समय मैटर्निटी कवर ना लेना।
- खुद की और फैमिली की जरूरत के अनुसार अपने हेल्थ इन्शुरन्स प्लान को कस्टमाइज ना करना।
- पॉलिसी की नियम और शर्तों को ध्यान से ना पढ़ना।
स्वस्थ और खुशहाल जीवन के लिए सुझाव
अच्छा स्वास्थ्य ही सब कुछ है। इसका हमारे जीवन पर व्यापक असर पड़ता है। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे सुझाव दे रहे हैं, जिनकी मदद से आप स्वयं के लिए एक प्रसन्नचित व स्वस्थ जीवन सुनिश्चित कर सकते हैं।
- सन्तुलित आहार लें। हमारा भोजन ही स्वास्थ्य की 70 प्रतिशत दशा के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा ताजे फल और हरी सब्जियों का सेवन करें तथा शरीर में प्रोटीन, विटामिन और कार्बोहाइड्रेट जैसे तत्वों का संतुलन बनाकर रखें।
- खूब पानी पियें। दिन भर में कम से कम 8 गिलास पानी जरूर पियें। जितना हम सोचते हैं हमारे शरीर को उससे ज्यादा पानी की आवश्यकता होती है।
- अपने भोजन में नमक और चीनी का कम प्रयोग करें। चीनी की जगह गुड़ या फिर शहद का इस्तेमाल करना शुरू करें।
- रोजाना व्यायाम करें। अगर आप जिम नहीं जाते हैं तो भी आप घर पर रहकर छोटी मोटे व्यायाम और शारीरिक श्रम करके खुद को स्वस्थ रख सकते हैं। सीढ़ियों का इस्तेमाल करें, नजदीक जाने के लिए पैदल ही निकल जायें।
- अपने स्वास्थ्य का निरन्तर परीक्षण कराते रहें। कई बार हमें ऊपर से पता भी नहीं चलता कि शरीर के अंदर क्या चल रहा है। इसलिए साल भर में कम से कम एक बार अपने स्वास्थ्य की जाँच जरूर करवायें।
- अच्छे से सोएं। आजकल हमारी जीवनशैली ऐसी होती है जिसमें तनाव भी खूब रहता है और आराम करने का समय भी नहीं मिलता है। लेकिन हमें खुद के आराम के लिए जरूर वक्त निकालना चाहिए। एक वयस्क को प्रतिदिन 7-8 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए। इससे ना सिर्फ आपका स्ट्रेस कम होगा बल्कि आपका दिन भी खुशहाल बीतेगा।