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आप यह कैसे पता करेंगे कि आपके पासपोर्ट पर आपको फास्ट इमिग्रेशन क्लीयरेंस फीचर या वीजा फ्री यात्रा की सुविधा मिलती है?
इसके लिए, आपको भारत में उपलब्ध विभिन्न तरह के पासपोर्ट और उनके फायदों के बारे में थोड़ी जानकारी लेनी होगी।
एक सामान्य इंसान को यह पता नहीं होता है कि हमारे देश में विभिन्न तरह के पासपोर्ट होते हैं। हालांकि, विभिन्न तरह के वीजा की ही तरह, लोगों को उनके काम के हिसाब से विभिन्न तरह के पासपोर्ट होते हैं।
आइए, भारत में मिलने वाले इन विभिन्न तरह के पासपोर्ट के बारे में जानते हैं!
इसे पी पासपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, यह पासपोर्ट देश की सामान्य जनता को जारी किया जाता है और इसका इस्तेमाल घूमने, व्यापार से जुड़ी विदेश यात्राओं के लिए किया जाता है। इसका नीला रंग इसे अन्य पासपोर्ट से अलग करता है।
उपयोगः आम लोग इस पासपोर्ट का इस्तेमाल घूमने या व्यापारिक यात्राओं को लिए करते हैं।
फायदेः इस तरह के पासपोर्ट की मदद से विदेशी अधिकारियों को भारत की सामान्य जनता और सरकारी अधिकारियों में अंतर करने में मदद मिलती है।
इस तरह के पासपोर्ट सिर्फ भारत सरकार के उन अधिकारियों को ही जारी किए जाते हैं जो सरकारी काम से विदेश यात्रा करते हैं। इन सरकारी अधिकारियों में आईएएस अधिकारी और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल हैं।
उपयोगः सरकारी अदिकारी इस पासपोर्ट का इस्तेमाल सरकारी काम के लिए विदेश यात्राएं करने के लिए करते हैं।
फायदेः सफेद पासपोर्ट की मदद से इमिग्रेशन अधिकारियों को यह पता लगाने में मदद मिलती है कि इसका इस्तेमाल करने वाले लोग सरकारी अधिकारी हैं और वे उनके साथ उसी तरह पेश आते हैं।
यह पासपोर्ट सरकारी अधिकारियों और डिप्लोमेट्स के लिए होते हैं। ये पासपोर्ट, सरकार के उन प्रतिनिधियों के लिए होते हैं जो विदेश यात्रा करने वाले हैं। इनमें वे अधिकारी शामिल नहीं हैं, जो सफेद पासपोर्ट के साथ यात्रा करते हैं।
उपयोगः भारतीय डिप्लोमेट और भारत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भारत के प्रतिनिधि के तौर पर विदेश यात्रा करते समय इस पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं।
फायदेः मरून रंग के पासपोर्ट का इस्तेमाल करने के कई फ़ायदे हैं। इन फ़ायदों में वीजा फ्री ट्रैवल की सुविधा सबसे अहम है। फिर चाहे वे कितने भी दिन के लिए विदेश में रूक सकते हैं, इसके लिए उन्हें वीजा की जरूरत नहीं होती है। इसके साथ ही, इस पासपोर्ट की मदद से उन्हें फास्ट इमिग्रेशन प्रक्रिया की सुविधा भी मिलती है।
इनमें सबसे अहम बात यह है कि सामान्य पासपोर्ट धारकों के मुकाबले इस पासपोर्ट से यात्रा करने वालों के लिए इमिग्रेशन की प्रक्रिया आसान होती है।
सरकार ने ऑरेंज कलर का पासपोर्ट 2018 में लॉन्च किया था। इसमें पते का कोई पेज नहीं होता है। इस तरह का पासपोर्ट खासतौर पर उन लोगों के लिए होता है जिनकी शिक्षा 10वीं कक्षा से ज्यादा नहीं हुई है। ये लोग इसीआर कैटगरी में आते हैं।
उपयोगः ऐसे भारतीय जिनकी शिक्षा 10वीं कक्षा से ज्यादा नहीं हुई है वे इस पासपोर्ट का इस्तेमाल विदेश यात्रा के लिए कर सकते हैं।
फायदेः अलग तरह का पासपोर्ट शुरू करने का मकसद यह था कि विदेशों में कम पढ़े लिखे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस सिस्टम की मदद से, ईसीआर और इमिग्रेशन की प्रक्रिया तेजी से हो जाती है।
ऊपर बताया गया हर पासपोर्ट अलग कारण के लिए मिलता है और इसका इसका इस्तेमाल योग्य व्यक्ति कर सकता है। यहां नीचे इन पासपोर्ट और उन्हें पाने वाले योग्य लोगों के बारे में बताया गया है,
नीला पासपोर्ट- आम जनता
सफेद पासपोर्ट- सरकारी अधिकारी
डिप्लोमेटिक पासपोर्ट (मरून पासपोर्ट)- भारतीय डिप्लोमेंट्स और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी
ऑरेंज पासपोर्ट- यह पासपोर्ट उन लोगों को जारी किया जाता है जिनकी शिक्षा कक्षा 10वीं से ज्यादा नहीं है।
अब जब आपको इनके लिए योग्यता की शर्तों के बारे में पता है, तो आइए अब इन पासपोर्ट के लिए ऐप्लिकेशन की प्रक्रिया भी जान लेते हैं।
पासपोर्ट के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
आप पेमेंट की रसीद भी प्रिंट कर सकते हैं जिसमें आपके अपॉइंटमेंट या उसके रेफरेंस नंबर की जानकारी होगी। प्रिंट करने के लिए, ‘ऐप्लिकेशन रसीद प्रिंट करें’ पर क्लिक करें।
यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद, पासपोर्ट सेवा केंद्र या क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस जाएं जहां के लिए आपने अपॉइंटमेंट बुक किया है। पक्का करें कि पहचान की पुष्टि के लिए आपने सारे जरूरी दस्तावेज साथ ले लिए हों।
इसके बाद, आपको पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसमें वे आपके फॉर्म में दी गई सारी जानकारी की पुष्टि करेंगे और आपके पते पर आएंगे।
अगर आपके पास सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है, तो आपके लिए नया पासपोर्ट लेना थोड़ा परेशानी भरा हो सकता है। पासपोर्ट ऐप्लिकेशन की प्रक्रिया के लिए जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानने के लिए पढ़ते रहिए।
बेवजह की परेशानी से बचने के लिए, पक्का करें कि आपके पास नीचे बताए गए जरूरी दस्तावेज मौजूद हों-
पते का प्रूफ (आधार कार्ड, बिजली बिल, रेंट एग्रीमेंट, टेलीफोन/पोस्टपेड मोबाइल बिल, आपके बैंक खाते की पासबुक, पति या पत्नी के पासपोर्ट की कॉपी वगैरह)
जन्म तारीख का प्रूफ (बर्थ सर्टिफिकेट, स्कूल ट्रांसफर/लिविंग सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, वोटर आईजी कार्ड, वगैरह)
दस्तावेजों के अलावा, लोगों को पासपोर्ट की वैधता और इसके एक्सपायर होने के बारे में पता होना चाहिए। इसके लिए, पढ़ते रहिए!
आपका पासपोर्ट 10 सालों के लिए वैध होगा, जो कि इसके प्रकार पर निर्भर है। इसलिए, आपको तय समय में इसे रिन्यू करवाना होगा। इंटरनेट की आसान उपलब्धता की वजह से किसी भी तरह के पासपोर्ट को रिन्यू करवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
पक्का करें कि इसके एक्सपायर होने से पहले ही आप एक ऐप्लिकेशन डाल दें। नहीं तो अगर एक्सपायरेशन 3 साल से ज्यादा का होता है तो आपको “पासपोर्ट दोबारा जारी करने” के लिए आवेदन करना होगा और पुलिस वेरिफिकेशन समेत पूरी प्रक्रिया से दोबारा गुजरना होगा।