सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस
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सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस क्या है?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान, हेल्थ इंश्योरेंस के एक्सटेंशन (विस्तार) की तरह है जिसका उपयोग आप तब कर सकते हैं जब आप अपने कॉरपोरेट इंश्योरेंस में पहले से ही अधिकतम क्लेम राशि (वर्ष के दौरान) का उपयोग कर चुके हों या अपनी जेब से कुछ राशि का भुगतान करने के लिए काफी हद तक सक्षम हों, लेकिन महंगाई के कारण आपको कवर करने के लिए हेतु एक हेल्थ इंश्योरर की आवश्यकता हो।
सुपर टॉप-अप प्लान के बारे में सबसे खास बात यह है कि यह दिए गए पॉलिसी वर्ष के भीतर संचित मेडिकल खर्च के क्लेम को कवर करता है जब आपकी कटौती की राशि, नियमित टॉप-अप (जिसमें केवल क्लेम को कवर किया जाता है) से अधिक हो जाती है।
सुपर टॉप-अप को उदाहरण से समझें
| सुपर टॉप-अप इंश्योरेंस (डिजिट हेल्थ केयर प्लस) | अन्य टॉप-अप प्लान | |
| चुना गया डिडक्टेबल (कटौती की राशि) | 2 लाख | 2 लाख |
| चुनी गई इंश्योर्ड राशि | 10 लाख | 10 लाख |
| साल का पहला क्लेम | 4 लाख | 4 लाख |
| आप भुगतान करेंगे | 2 लाख | 2 लाख |
| आपके टॉप-अप इंश्योरर भुगतान करेंगे | 2 लाख | 2 लाख |
| साल का दूसरा क्लेम | 6 लाख | 6 लाख |
| आप भुगतान करेंगे | कुछ नहीं! 😊 | 2 लाख (डिडक्टेबल चुनने पर) |
| आपके टॉप-अप इंश्योरर भुगतान करेंगे | 6 लाख | 4 लाख |
| साल का तीसरा क्लेम | 1 लाख | 1 लाख |
| आप भुगतान करेंगे | कुछ नहीं! 😊 | 1 लाख |
| आपके टॉप-अप इंश्योरर भुगतान करेंगे | 1 लाख | 1 कुछ नहीं! ☹ |
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस के क्या लाभ हैं?
आपको सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस क्यों लेना चाहिए?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस किसे खरीदना चाहिए?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में क्या कवर होता है?
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फायदे |
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सुपर टॉप-अप यह एक बार डिडक्टेबल पूरे होने जाने के बाद, पॉलिसी वर्ष में संचयी मेडिकल खर्चों पर किए गए क्लेम का भुगतान करता है। इसके उलट, सामान्य टॉप-अप इंश्योरेंस में लिमिट खत्म होने के बाद सिर्फ एक क्लेम का भुगतान होता है। |
अपने डिडक्टेबल का भुगतान सिर्फ एक बार करें- डिजिट स्पेशल
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सभी हॉस्पिटलाइजेशन यह सभी बीमारियों, दुर्घटना, और यहां तक कि गंभीर बीमारी की वजह से होने वाले हॉस्पिटलाइजेशन को कवर करता है। इसे आपकी डिडक्टेबल की सीमा खत्म हो जाने के बाद, आपकी कुल इंशयोर्ड राशि के बराबर खर्च होने तक कई बार के हॉस्पिटलाइजेशन को कवर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। |
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डे केयर प्रोसिडर हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ 24 घंटे से ज्यादा अस्पताल में भर्ती होने के लिए मेडिकल खर्च को कवर करता है। डे केयर प्रोसिडर किसी अस्पताल में किए गए ऐसे इलाज को कहते हैं, जिनमें तकनीकी प्रगति की वजह 24 घंटे से कम समय की जरूरत होती है। |
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पहले से मौजूद/खास बीमारी के लिए वेटिंग पीरियड यह पहले से मौजूद/खास बीमारी के लिए क्लेम करने के लिए आपको इतने समय तक इंतजार करने की अवधि होती है। |
4 साल/2 साल
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रूम रेंट की सीमा अलग-अलग कैटगरी के अस्पताल के कमरों का किराया अलग-अलग होता है। जैसे, होटल के कमरे का किराया होता है। डिजिट के कुछ प्लान में आपके रूम रेंट की कोई सीमा तब तक नहीं होती, जब तक कि यह आपके कुल इंशयोर्ड राशि से कम हो। |
रूम रेंट की कोई सीमा नहीं – डिजिट का खास
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आईसीयू रूम रेंट आईसीयू (इंटेनसिव केयर यूनिट) गंभीर मरीजों के लिए होते हैं। आईसीयू में देखभाल का स्तर बहुत ज़्यादा होता है, इसलिए इसका किराया भी ज्यादा होता है। डिजिट में इस किराए की तब तक कोई सीमा नहीं है, जब तक कि यह जब तक कि यह आपके कुल इंशयोर्ड राशि से कम हो। |
कोई सीमा नहीं
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एंबुलेंस के रोड चार्ज एंबुलेंस सेवाएं सबसे जरूरी मेडिकल सेवाओं में से होती हैं क्योंकि वे न सिर्फ बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाने में मदद करती हैं बल्कि मेडिकल इमरजेंसी में जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी देती हैं। इस सुपर टॉप-अप पॉलिसी के तहत एंबुलेंस के खर्च को कवर किया जाता है। |
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कंप्लीमेंट्री सालाना हेल्थ चेक-अप अपने पूरे स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए सालाना हेल्थ चेक-अप जरूरी होते हैं। यह एक रिन्यूअल फायदा है जिसमें आपको अपनी पसंद के किसी भी अस्पताल में, किसी भी तरह के सालाना हेल्थ चेक-अप और टेस्ट का रिएम्बर्स मिलता है। |
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प्री/पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन यह अस्पताल में भर्ती होने के पहले और बाद में होने वाले सभी खर्च जैसे डायग्नोसिस, टेस्ट और रिकवरी के खर्च को कवर करता है। |
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पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन का लमसम – डिजिट स्पेशल इसे आप अस्पताल में भर्ती होने के बाद डिस्चार्ज होने के समय के सभी मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए किसी बिल की जरूरत नहीं होती। आप इस फायदे का इस्तेमाल करना या तो रीइंबर्स की प्रक्रिया के जरिए चुन सकते हैं या अस्पताल में भर्ती होने के बाद के मानक फायदे का इस्तेमाल कर सकते हैं। |
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मनोचिकित्सा का कवर अगर किसी ट्रॉमा की वजह से किसी को मनोचिकित्सा के इलाज के अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो वाह इस फायदे के तहत कवर होगा। हालांकि, ओपीडी में दिखाने का खर्च इसमें कवर नहीं होता। |
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बैरियाटिक सर्जरी यह कवर उनके लिए है जो लोग मोटापा (बीएमआई > 35) की वजह से अंगों की दिक्कतें झेल रहे हैं। हालांकि, इस मामले में भी खाने के डिसऑर्डर, हार्मोन्स या किसी और इलाज की जा सकने वाली बीमारी वजह से हुए मोटापा के लिए हुई इस सर्जरी का खर्च कवर नहीं होगा। |
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क्या शामिल नहीं है?
क्लेम कैसे करें?
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डिडक्टेबल्स |
केवल एक बार भुगतान करें |
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को-पेमेंट |
कोई उम्र आधारित को-पेमेंट नहीं |
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कैशलेस अस्पताल |
पूरे भारत में 16400+ कैशलेस अस्पताल |
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रूम रेंट की सीमा |
रूम रेंट की सीमा नहीं है। अपनी पसंद का कोई भी रूम चुनें। |
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क्लेम प्रक्रिया |
डिजिटल फ्रेंडली, हार्ड कॉपी की जरूरत नहीं! |
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कोविड-19 में उपचार |
कवर किया जाएगा |
भारत में सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस कैसे काम करता है?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस और रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में क्या अंतर है?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस और रेगुलर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के बीच मुख्य अंतर यह है कि आपके हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में आपका संपूर्ण या आपके अस्पताल में भर्ती होने के खर्च का 70% (आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के आधार पर) कवर किया जाएगा।
हालांकि, एक सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस केवल आपकी निश्चित सीमा से ऊपर के खर्चों को कवर करता है।
उदाहरण के लिए: अगर आपका सुपर टॉप अप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी 5 लाख के बाद ही आपको कवर देता है, तो इसका मतलब है कि अगर आपका बिल 8 लाख है, तो आपको अपनी जेब से या आपकी स्टैंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से 5 लाख रुपए खर्च करने के बाद, सिर्फ़ 3 लाख का कवर दिया जाएगा।
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान कम कीमत पर उपलब्ध क्यों है?
टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में क्या अंतर है?
आपने शायद टॉप-अप और सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस दोनों के बारे में पढ़ा होगा और आप ये सोच रहे होंगे कि वास्तव में इन दोनों के बीच क्या अंतर है।
सरल शब्दों में, टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस सिर्फ उस खर्च के लिए कवर देगा जब सिंगल क्लेम डिडक्टेबल्स सीमा से अधिक हो जाएगा।
हालांकि, सुपर-टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस खर्च के लिए कवर करेगा, भले ही वर्ष के दौरान एक से अधिक क्लेम डिडक्टेबल सीमा से अधिक हो जाएं।
उदाहरण के लिए: अगर आपने 5 लाख के डिडक्टेबल टॉप अप प्लान का विकल्प चुना है और साल के दौरान, आपके पास चार-चार लाख के दो क्लेम हैं, तो आपका टॉप अप हेल्थ इंश्योरेंस किसी भी क्लेम को कवर नहीं करेगा, क्योंकि कोई भी सिंगल प्लान 5 लाख से ज्यादा नहीं है।
हालांकि, सुपर टॉप-अप प्लान में इसे कवर करेगा क्योंकि साल के दौरान क्लेम की कुल राशि 8 लाख रुपए है, इसलिए बाकी के 3 लाख रुपए के लिए कवर मिलेगा।
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में डिडक्टेबल से आपका क्या मतलब है?
डिडक्टिबल वह राशि है जो आपको या आपके प्राथमिक इंश्योरर को आपके सुपर टॉप-अप इंश्योरेंस द्वारा आपके लिए भुगतान करने से पहले चुकानी पड़ती है।
उदाहरण के लिए, अगर आपने अपनी डिडक्टेबल के रूप में 2 लाख रुपए के टॉप-अप या सुपर टॉप-अप प्लान और अपनी बीमा राशि के रूप में 20 लाख रुपए का चयन किया है।
एक क्लेम के दौरान यदि आपके पास कुल 3 लाख रुपए का क्लेम है तो आपका सुपर टॉप-अप इंश्योरेंस शेष एक लाख के लिए क्लेम देगा जबकि आपको पहले 2 लाख का भुगतान (अपनी जेब से या अपने ग्रुप मेडिकल प्लान /प्राथमिक हेल्थ इंश्योरेंस के माध्यम से) करना होगा।
क्या आयुष (AYUSH) सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस में शामिल है?
सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने के लिए कौन पात्र है?
एक सुपर टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा मेरे माता-पिता को कैसे लाभ पहुंचाएगा?
मुझे टॉप-अप या सुपर टॉप-अप प्लान में से क्या चुनना चाहिए?
अधिकांश लोग आर्थिक अनिश्चितताओं को कम करने के लिए टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान खरीदते हैं, जबकि टॉप-अप और सुपर टॉप-अप दोनों ही तय डिडक्टेबल से ऊपर जाने पर खर्चों का प्रबंधन करने में मदद करते हैं। सुपर टॉप-अप प्लान तब लागू होता है जब वर्ष में कुल खर्च डिडक्टेबल से ऊपर हो जाता है, जबकि टॉप-अप प्लान केवल सिंगल क्लेम पर लागू होता है।
इसलिए, आर्थिक नजरिए से, सुपर टॉप-अप प्लान आपको अधिक लाभ उठाने में मदद करता है!