डायबिटीज रोगियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस

एक्सीडेंट, बीमारी और कोविड-19 होने पर अस्पताल का खर्च कवर करता है
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डायबिटीज हेल्थ इंश्योरेंस क्या है?

आपको डायबिटीज को कवर करने वाला हेल्थ इंश्योरेंस क्यों लेना चाहिए?

Diabetes patients in India
यह माना जा रहा है कि भारत में 20-79 वर्ष की उम्र के 61.3 मिलियन लोग डायबिटीज से ग्रस्त हैं, खास तौर पर भारत के शहरों में। 2030 तक यह संख्या बढ़कर 101.2 मिलियन होने की उम्मीद है! (1)
COVID and Diabetes
डायबिटीज वाले लोगों में कोविड-19 के होने का ज्यादा खतरा होता है और ऐसे लोगों को ज्यादा गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना करना पड़ता है, खास तौर पर उन लोगों की तुलना में जो पहले से किसी बीमारी से संक्रमित नहीं हैं। (2)
Expenses
डायबिटीज एक महंगी बीमारी है। निरंतर रहने वाला यह रोग और इससे जुड़ी समस्याएं इसके ज्यादा खर्चीला होने की वास्तविक वजह हैं। (3)
Diabetes in youngsters
डायबिटीज की सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात इसका बहुत कम उम्र में शुरू होना है। पश्चिमी देशों के लोगों की तुलना में भारतीयों को औसतन 10 साल पहले डायबिटीज हो जाती है। (4)
Income
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अगर कम आय वाले परिवार में किसी एक व्यक्ति को भी डायबिटीज है, तो सिर्फ डायबिटीज की देखभाल में उस परिवार की आय का 25% खर्च हो सकता है! (5)
Type 2 diabetes
इंटरनैशनल डायबिटिक फेडरेशन के मुताबिक, दुनिया में हर 2 में से 1 व्यक्ति को टाइप-2 डायबिटीज है और उनमें से लगभग 46.5% को तब तक पता नहीं चलता, जब तक कि उनकी हालत बिगड़ने नहीं लगती। (6)

डिजिट हेल्थ इंश्योरेंस में डायबिटीज रोगियों के लिए क्या शर्तें हैं?

डायबिटीज को कवर करने वाले डिजिट के हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में क्या अच्छा है?

  • आसान ऑनलाइन प्रक्रियाएं - हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से लेकर क्लेम्स करने तक की प्रक्रिया पेपरलेस, आसान, त्वरित और परेशानी मुक्त है! दावों के लिए भी कोई हार्ड कॉपी की जरूरत नहीं!!
  • इंश्योर की गई रकम से ज्यादा पाने की सुविधा - एक्सीडेंट की वजह से अस्पताल में  भर्ती होने पर और गंभीर बीमारियों के लिए विशेष रूप से बिना शुल्क के अतिरिक्त कवरेज प्राप्त करें!
  • कोरोनावायरस जैसी महामारी को कवर करता है - जब कोविड-19 की बात आती है, तो भारत सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में से एक है और इससे भी बुरी बात यह है कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होता है। लेकिन चिंता न करें, क्योंकि कोविड-19 का इलाज भी डिजिट के हेल्थ इंश्योरेंस के तहत आता है।
  • कोई उम्र आधारित को-पेमेंट नहीं - हमारे हेल्थ इंश्योरेंस में उम्र के आधार पर को-पेमेंट का कोई नियम नहीं है। इसका मतलब है कि हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम के दौरान आपको अपनी जेब से कोई भी पेमेंट करने की जरूरत नहीं है।
  • अस्पताल के कमरे के किराये की कोई सीमा नहीं - हर किसी की अलग-अलग प्राथमिकताएं होती हैं और हम इसे समझते हैं। इसलिए, हमारे हेल्थ इंश्योरेंस में अस्पताल के कमरे के किराये की कोई सीमा नहीं है। आप अपनी पसंद के किसी भी अस्पताल के  कमरे को चुन सकते हैं।
  • इंश्योर की गई रकम से दुगुनी रकम पाने की सुविधा - अगर आप अपनी इंश्योर की गई रकम ख़त्म भी कर देते हैं और दुर्भाग्य से, उसी साल के दौरान फिर से इसकी जरूरत होती है, तो हम इसे आपके लिए फिर से खर्च करते हैं
  • क्यूम्यलेटिव बोनस - स्वस्थ रहने का इनाम! आप जिन सालों में क्लेम नहीं करते हैं उनके लिए सालाना क्यूम्यलेटिव बोनस पा सकते हैं।
  • किसी भी अस्पताल में कराएं इलाज - कैशलेस क्लेम के लिए भारत में हमारे 6400+ नेटवर्क अस्पतालों में से किसी को भी चुनें या रिइम्बर्समेंट का विकल्प चुनें।

डायबिटीज को कवर करने वाले हमारे हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल है?

स्मार्ट ऑप्शन

कम्फ़र्ट ऑप्शन

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क्या कवर नहीं किया गया है?

प्रसव के पहले और बाद का खर्च

प्रसव के पहले और बाद का मेडिकल खर्च कवर नहीं किया जाता, जब तक कि अस्पताल में भर्ती न किया जाए।

पहले से मौजूद रोग

पहले से मौजूद बीमारी के मामले में, जब तक इंतजार का समय खत्म नहीं हो जाता, उस बीमारी के लिए क्लेम नहीं किया जा सकता है।

डॉक्टर की सिफारिश के बिना अस्पताल में भर्ती

डॉक्टर की सिफारिश के बिना अस्पताल में भर्ती होने पर, उसे कवर नहीं किया जाएगा।

टाइप-1 डायबिटीज

अगर आपको या आपके परिवार के सदस्य को पहले से ही टाइप-1 डायबिटीज है, तो उन्हें डिजिट के स्टेंडर्ड हेल्थ इंश्योरेंस रिइम्बर्समेंट के तहत कवर नहीं किया जा सकता है।

10 साल से ज्यादा समय से टाइप-2 डायबिटीज

अगर आपको 10 साल से ज्यादा समय से डायबिटीज है और आप अब भी पीड़ित हैं और उसका इलाज किया जा रहा है, तो आपको हमारी हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के तहत कवर नहीं किया जा सकता है।

10 साल से कम समय से टाइप-2 डायबिटीज, लेकिन सही कंट्रोल न होने की वजह से एचबीए1सी 7.5% से ज्यादा

अगर आपको डायबिटीज है और 10 साल से कम समय से टाइप-2 डायबिटीज का इलाज किया जा रहा है, लेकिन उस पर सही कंट्रोल नही होता है (यानी आपका एचबीए1सी 7.5% से ज्यादा है), तो आपको डिजिट के स्टेंडर्ड  हेल्थ इंश्योरेंस के विकल्प के तहत कवर नहीं किया जा सकता है।

क्लेम कैसे फाइल करें?

  • रिइम्बर्समेंट क्लेम-  अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में हमें भर्ती होने के दो दिनों के भीतर 1800-258-4242 पर बताएं या हमें healthclaims@godigit.com पर ईमेल करें और हम आपको एक लिंक भेजेंगे जहां आप रिइम्बरसमेंट की प्रक्रिया के लिए अपने अस्पताल के बिल और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं।
  • कैशलेस क्लेम - नेटवर्क अस्पताल चुनें। आप यहां नेटवर्क अस्पतालों की पूरी सूची देख  सकते हैं। अस्पताल के सहायता डेस्क पर ई-हेल्थ कार्ड दिखाएं और कैशलेस अनुरोध फ़ॉर्म मांगें। अगर सबकुछ अच्छा रहा, तो आपके क्लेम पर उसी समय कार्रवाई की जाएगी।
  • अगर आपने कोरोनावायरस के लिए क्लेम किया है, तो आपके पास आईसीएमआर के अधिकृत केंद्र - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे से पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट होनी चाहिएं।

डायबिटीज को कवर करने वाला हेल्थ इंश्योरेंस क्यों महत्वपूर्ण है?

डायबिटीज और डायबिटीज हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में मिथक

भारत में डायबिटीज रोगियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल