hamburger
×
Digit General Insurance Logo
Powered By Digit
general-insurance

ओपीडी कवर के साथ हेल्थ इंश्योरेंस

Digit

No Capping

on Room Rent

24/7

Customer Support

Zero

Co-payment

Zero Paperwork. Quick Process.
Your Name
Mobile Number

I agree to Terms & Conditions

No Capping

on Room Rent

24/7

Customer Support

Zero

Co-payment

ओपीडी बेनिफिट क्या है?

जरूरी नहीं है कि हर वक्त बीमार होने या चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती हुआ ही जाए। इसके बिना भी अक्सर इलाज करवाया जा सकता है। हेल्थ केयर की दुनिया में इसे ओपीडी यानी ‘आउट पेशेंट डिपार्टमेंट’ कहते हैं।

इसलिए, ओपीडी कवर आपकी सेहत के हिसाब से ओपीडी में इलाज के दौरान होने वाले खर्चों का ध्यान रखता है।

किसी भी बीमारी या चोट लगने पर डॉक्टर की कंसल्टेशन हो या डेंटिस्ट के बताए रूट कनाल ट्रीटमेंट. सभी छोटी बड़ी स्वास्थ समस्याएं ओपीडी के तहत आती हैं।

 ओपीडी ट्रीटमेंट क्या है?

ओपीडी या आउट पेशेंट डिपार्टमेंट ट्रीटमेंट यानी वो उपचार या डायग्नोसिस जिसे किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रैक्टीशनर के क्लीनिक या मल्टीस्पेशेलिटी अस्पताल में डॉक्टर के कंसलटेशन रूम में करवाया जाता है।

एक जरूरी बात ये है कि ओपीडी ट्रीटमेंट में अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ जाता। इसलिए इसमें हड्डी टूटने का ट्रीटमेंट, तमाम डेंटल ट्रीटमेंट और छोटी सर्जरी आदि शामिल होती हैं।

अधिक पढ़ें : आपको कोरोना वायरस हेल्थ इंश्योरेंस क्यों करवाना चाहिए?

Read More

मुझे ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस क्यों करवाना चाहिए?

अभी भी तय नहीं कर पा रहे? तो पढ़ें ...

OPD Expenses
भारत में ओपीडी खर्च कुल हेल्थ केयर खर्च का करीब 62 प्रतिशत है।(1)
Treatment
सन् 2018 में लोगों के डॉक्टर को दिखाने या क्लिनिक जानें में 3.2 गुना तक बढ़ोतरी हुई जो सन् 2017 में 2.7 गुना थी।(2)
Health Guard
एक लोकल अध्ययन के मुताबिक, जिम और वर्कआउट इंजरी में घुटनों की चोट सबसे आम है।(3)

ओपीडी कवर के साथ वाले डिजिट हेल्थ केयर इंश्योरेंस में क्या खास है?

Health Insurance with OPD Cover
  • आसान ऑनलाइन प्रक्रिया : ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस को खरीदने से लेकर क्लेम तक की प्रक्रिया पेपर रहित, आसान और  तेज होती है। इसमें किसी भी तरह की हार्ड कॉपी की जरूरत नहीं पड़ती, यहां तक कि क्लेम के दौरान भी नहीं।

  • महामारी को कवर करता है : 2020 ने हमें ये तो सिखा ही दिया कि वक्त का कोई भरोसा नहीं है! चाहें कोविड-19 हो या कोई और वायरस, सभी तरह की महामारियां इसमें कवर की जाती हैं।

     

  • उम्र आधारित कोपेमेंट नहीं : हमारे हेल्थ इंश्योरेंस में उम्र आधारित कोपेमेंट नहीं है। इसका मतलब, क्लेम के दौरान आपको अपनी जेब से कुछ भी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • कमरे की कीमत का बंधन नहीं : सबकी अपनी प्राथमिकताएं होती हैं और हम इसे अच्छे से समझते हैं। इसलिए हमारे पास रूम रेंट का बंधन नहीं है। आप अस्पताल में अपनी पसंद से कोई भी कमरा चुन सकते हैं।

     

  • क्यूमुलेटिव बोनस : स्वस्थ रहने का ईनाम! सालाना क्यूमुलेटिव बोनस प्राप्त करें।

  • किसी भी अस्पताल में उपचार कराएं : कैशलेस क्लेम या रिंबर्समेंट के लिए भारत में हमारे 10500+ नेटवर्क अस्पतालों में से कहीं भी इलाज करवाएं।

ओपीडी कवर वाले डिजिट हेल्थ इंश्योरेंस में क्या शामिल है?

स्मार्ट+ओपीडी

10% CB for each claim free year (Up to 50%)

क्या कवर नहीं किया जाता?

क्लेम कैसे फाइल करें?

  • रिंबर्समेंट क्लेम - अस्पताल में भर्ती होने पर भर्ती होने के दो दिनों के अंदर हमसे 1800-258-4242 पर संपर्क करें या हमें healthclaims@godigit.com पर ईमेल भेजें। हम आपको वो लिंक भेजेंगे जिस पर आप अपने अस्पताल के बिल और सभी संबंधित डॉक्यूमेंट रिंबर्समेंट प्रक्रिया के लिए अपलोड कर सकेंगे।
  • कैशलेस क्लेम : नेटवर्क अस्पताल चुनें। अपको यहां नेटवर्क अस्पतालों की पूरी लिस्ट मिलेगी। अस्पताल की हेल्प डेस्क को अपना ई-हेल्थ कार्ड दिखाएं और उनसे कैशलेस आवेदन फॉर्म मांगे। अगर सब कुछ सही हुआ तो आपका क्लेम तुरंत आगे बढ़ाया जाएगा।
  • अगर आपने कोरोना वायरस के लिए क्लेम किया है तो आपके पास ICMR - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी, पुणे के मान्यता प्राप्त सेंटर से पॉजिटिव टेस्ट रिपोर्ट होना जरूरी है।

ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस किसे खरीदना चाहिए?

फिटनेस उत्साही

फिटनेस उत्साही

फिटनेस-पसंद लोगों के लिए हमने अपने ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस को कस्टमाइज किया है जिसे फिट ऑप्शन कहते हैं। आप जैसे फिट लोग आसानी से बीमार नहीं पड़ते, लेकिन आपको जिम या वर्कआउट से संबंधित चोट लगने का खतरा बना रहता है, ऐसे समय पर ओपीडी कवर आपके काम आ सकता है। साथ ही आपकी सालाना टैक्स बचत में ये हेल्थ इंश्योरेंस आपकी मदद करेगा।

25-40 साल की उम्र के लोग

25-40 साल की उम्र के लोग

सस्ते प्रीमियम, वेटिंग पीरियड जल्द खत्म करने और टैक्स में बचत के कारण आज ज्यादातर युवा हेल्थ इंश्योरेंस करवा रहे हैं। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो आप ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस करवा सकते हैं। इस तरह, चाहें आप हेल्थ इंश्योरेंस के अन्य लाभ न उठा सकें लेकिन आपको किसी न किसी तरह ओपीडी लाभ मिलते रहेंगे।

सीनियर सिटिजन

सीनियर सिटिजन

सीनियर सिटिजन वो लोग होते हैं जिन्हें हेल्थ इंश्योरेंस की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है। सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस की तुलना में उनके लिए ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस लेना इसलिए बेहतर है क्योंकि सीनियर सिटिजन को ओपीडी ट्रीटमेंट जैसे डेंटल ट्रीटमेंट, छोटी सर्जरी की जरूरत पड़ती रहती है। इसलिए ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस सामान्य हेल्थ इंश्योरेंस बेनिफिट के साथ ही ओपीडी ट्रीटमेंट में भी काम आता है।

सीमित ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज वाले वर्किंग प्रोफेशनल

सीमित ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस कवरेज वाले वर्किंग प्रोफेशनल

अगर आप उन लोगों में से एक हैं जिनके पास अपने इंप्लॉयर के जरिए कराया गया ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस है लेकिन आप ज्यादा सुरक्षा के लिए दूसरा हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज चाहते हैं तो आप टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस प्लान या ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस प्लान ले सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ज्यादातर ग्रुप मेडिकल इंश्योरेंस प्लान में ओपीडी कवर नहीं मिलता है। इसलिए, एक अन्य हेल्थ इंश्योरेंस प्लान आपको कर्मचारी प्लान के अलावा अन्य लाभ दे सकता है साथ ही ये आपकी सालाना टैक्स बचत में भी काम आ सकता है।

ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस से संबंधित सवाल

वर्कआउट के दौरान आम तौर पर लगने वाली चोटें कौन सी हैं?

up-arrow

आप चाहें बिगिनर हों या फिर लंबे वक्त से वर्कआउट करते हों, कुछ सामान्य चोटें हैं जो वर्कआउट के दौरान ज्यादातर लोगों को लगती हैं : मांसपेशियां खिंच जाना, एड़ी में मोच, कंधों में चोट, घुटनों में चोट, पांव या पिंडलियों की चोट, कलाई में मोच या कलाई का डिसलोकेट होना। इन सभी परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं है लेकिन इसमें डॉक्टर से इलाज करवाना जरूरी होता है।

आप चाहें बिगिनर हों या फिर लंबे वक्त से वर्कआउट करते हों, कुछ सामान्य चोटें हैं जो वर्कआउट के दौरान ज्यादातर लोगों को लगती हैं : मांसपेशियां खिंच जाना, एड़ी में मोच, कंधों में चोट, घुटनों में चोट, पांव या पिंडलियों की चोट, कलाई में मोच या कलाई का डिसलोकेट होना। इन सभी परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं है लेकिन इसमें डॉक्टर से इलाज करवाना जरूरी होता है।

मैं फिटनेस का शौकीन नहीं हूं, क्या मैं ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस करवा सकता हूं?

up-arrow

हां, फिटनेस उत्साही लोगों के लिए ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस बेहद काम का है लेकिन इसकी जरूरत हर किसी को पड़ सकती है।

हां, फिटनेस उत्साही लोगों के लिए ओपीडी कवर वाला हेल्थ इंश्योरेंस बेहद काम का है लेकिन इसकी जरूरत हर किसी को पड़ सकती है।

ओपीडी और डे केयर प्रक्रिया में क्या अंतर है?

up-arrow

ओपीडी और डे केयर प्रक्रिया में अस्पताल में भर्ती होने का अंतर है। ओपीडी में वो सभी उपचार और डॉक्टर की कंसल्टेशन शामिल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती हुए बिना किया जाता है वहीं डे-केयर प्रक्रिया में वो छोटी सर्जरी या उपचार शामिल हैं जिनमें मरीज 24 घंटों से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती होता है।

ओपीडी और डे केयर प्रक्रिया में अस्पताल में भर्ती होने का अंतर है।

ओपीडी में वो सभी उपचार और डॉक्टर की कंसल्टेशन शामिल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती हुए बिना किया जाता है वहीं डे-केयर प्रक्रिया में वो छोटी सर्जरी या उपचार शामिल हैं जिनमें मरीज 24 घंटों से कम समय के लिए अस्पताल में भर्ती होता है।

क्या मैं केवल ओपीडी इंश्योरेंस करवा सकता हूं?

up-arrow

ये आपके हेल्थ इंश्योरर पर निर्भर करता है। डिजिट में आपको स्मार्ट हेल्थ इंश्योरेंस के साथ ये लाभ मिलता है क्योंकि इससे लोगों को ज्यादा फायदा होता है। यहां आपको न केवल छोटे उपचारों और डॉक्टर कंसल्टेशन के लिए कवर किया जाता है बल्कि आपको गंभीर समस्याओं जैसे एक्सिडेंट या बड़ी बीमारियों पर भी कवरेज मिलता है।

ये आपके हेल्थ इंश्योरर पर निर्भर करता है। डिजिट में आपको स्मार्ट हेल्थ इंश्योरेंस के साथ ये लाभ मिलता है क्योंकि इससे लोगों को ज्यादा फायदा होता है। यहां आपको न केवल छोटे उपचारों और डॉक्टर कंसल्टेशन के लिए कवर किया जाता है बल्कि आपको गंभीर समस्याओं जैसे एक्सिडेंट या बड़ी बीमारियों पर भी कवरेज मिलता है।

क्या मुझे ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस में टैक्स में छूट मिलती है?

up-arrow

हां, ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस में भी आपको टैक्स में छूट मिलती है।

हां, ओपीडी कवर वाले हेल्थ इंश्योरेंस में भी आपको टैक्स में छूट मिलती है।

मैं अपना ओपीडी कवर कहां इस्तेमाल कर सकता हूं, उदाहरण दें?

up-arrow

सोचिए अगर आप एक महान फील्डर हों, फिर भी एक बॉल आपके अंगूठे में चोट कर जाती है और आपको उसका उपचार करवाना पड़ता है। या फिर आपके वर्कआउट के कारण आपकी पीठ में दर्द शुरू हो जाए। भले ही इसमें आपको अस्पताल में भर्ती न होना पड़े (हम प्रार्थना करते हैं कि आपके साथ ऐसा न ही हो) लेकिन आपको डॉक्टर से इलाज करवाने की जरूरत पड़े। जैसे, पैर की हड्डी टूटने पर चोट की गंभीरता के हिसाब से, 5000 से 50,000 रुपए तक का खर्च आ सकता है।

सोचिए अगर आप एक महान फील्डर हों, फिर भी एक बॉल आपके अंगूठे में चोट कर जाती है और आपको उसका उपचार करवाना पड़ता है।

या फिर आपके वर्कआउट के कारण आपकी पीठ में दर्द शुरू हो जाए। भले ही इसमें आपको अस्पताल में भर्ती न होना पड़े (हम प्रार्थना करते हैं कि आपके साथ ऐसा न ही हो) लेकिन आपको डॉक्टर से इलाज करवाने की जरूरत पड़े।

जैसे, पैर की हड्डी टूटने पर चोट की गंभीरता के हिसाब से, 5000 से 50,000 रुपए तक का खर्च आ सकता है।