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यह एक खूबसूरत रात है। आप और आपके प्रियजन बरसों पहले कॉलेज में किये वादे को पूरा करने के लिए गोवा की लम्बी यात्रा पर निकले हैं। यह काफी मज़ेदार होता है लेकिन अचानक दूर आपको कुछ टिमटिमाता नज़र आता है। आप और आपके प्रियजन बरसों पहले कॉलेज में किये वादे को पूरा करने के लिए गोवा की लम्बी यात्रा पर निकले हैं।
कुछ ही देर में आप एक टोल बूथ पर फंसे वाहनों की पिछली रोशनी जैसी झिलमिलाती वस्तुओं की भीड़ देखते हैं। अब आनंदित नहीं, बल्कि एक थका देने वाला और लंबा इंतज़ार आपको और आपके परिजनों को परेशान कर देता है, कुछ ही देर में आपकी खुशी को कम कर देता है।
लेकिन रुकिए, इससे पहले कि आप टोल बूथों पर कभी न खत्म होने वाले इंतज़ार की और चिंता करें, हमारे पास आपके लिए कुछ अच्छी खबर है!
भारत सरकार ने 2017 में फास्टैग की शुरुआत करके इसका उपाय निकला।
अब आप पूछेंगे, यह क्या है? हम वही बताने जा रहे हैं!
फास्टैग सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अक्टूबर 2017 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टेक्नोलॉजी (आरएफ़आईडी) है। यह उपाय व्यक्तिगत ड्राइवरों और बड़े पैमाने पर राष्ट्र दोनों के लिए कई असुविधाओं की छानबीन को ध्यान में रखते हुए किया गया था।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के एक लेख में दिए गए आकड़ों के हिसाब से, भारत में टोल बूथ प्लाज़ा पर सालाना लगभग 12000 करोड़ रूपए लीक हो जाते हैं। इस तरह के नुकसान के दो प्राथमिक घटक टोल प्लाज़ा पर ईंधन की बर्बादी और मानव संसाधनों की कमी के कारण होते हैं।
पैसों का नुक्सान प्राथमिक चिंता है लेकिन एक नुक्सान ऐसा भी है जो सीधे तौर पर नज़र नहीं आता और वह है वायु प्रदूषण। वायु प्रदूषण के मामले में भारत सबसे खराब देशों में से एक है, जहां 14 से अधिक शहरों में वायु प्रदूषण का काफी उच्च स्तर है, जिसमें देश की राजधानी दिल्ली भी शामिल है।
टोल प्लाज़ा, उस संबंध में, भारत में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ने का प्रमुख कारण है। इसलिए, भारत में फास्टैग को लागू करने के एजेंडे में से एक ऐसे स्तरों को कम करना था।
क्या आप उत्सुक हैं? आइए इसके बारे में और जानें।
फास्टैग अन्य रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफ़आईडी) तकनीक की तरह ही काम करता है। एक आरएफआईडी इनेबल स्टिकर होता है जो वाहन के विंडशील्ड पर चिपका दिया जाता है, और टोल बूथ पर एक रीडर इस कार्ड को स्कैन कर सकता है और वायरलेस तरीके से अपने आप भुगतान हो जाता है। ।
जब आप फास्टैग इनेबल टोल प्लाज़ा से गुजरते हैं, तो आपको टोल शुल्क का नकद भुगतान करने के लिए अपनी कार रोकनी नहीं पड़ती। इसके बजाय, आप बस गाड़ी चलाना जारी रख सकते हैं और शुल्क का भुगतान अपने आप हो जाएगा।
दरअसल इसमें गाड़ी के चलते रहने पर भी टोल शुल्क के भुगतान के लिए रीडर उसमे लगे फास्टैग कार्ड को सिग्नल भेज कर उसे स्कैन कर लेता है, जिसके बाद तुरंत ही भुगतान हो जाता है। लेकिन, यह आवश्यक है कि टोल शुल्क भुगतान सुनिश्चित करने के लिए फास्टैग कार्ड को डिजिटल वॉलेट या बचत खाते से जोड़ा जाए।
1 दिसंबर, 2017 के बाद (और 2021 से सभी वाहनों के लिए) बेची जाने वाली सभी नई कारों में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और टोल बूथों पर भीड़ कम करने के लिए टैग को अनिवार्य कर दिया गया था।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 2018 में 34 लाख से ज़्यादा फास्टैग जारी किए गए थे, और 31 दिसंबर 2019 तक 11.5 मिलियन से ज़्यादा फास्टैग कार्ड जारी किए गए थे। (2)
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 15 फरवरी, 2021 से सभी चार पहिया वाहनों के लिए फास्टैग का उपयोग अनिवार्य करने का फ़ैसला लिया है। (3) (यह तिथि1 जनवरी 2021 से स्थगित कर दी गई थी)।
दिसंबर, 2019 से, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाज़ा की सभी लेन को "फास्टैग लेन" घोषित किया गया था और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की थी कि सभी वाहनों में फास्टैग होना चाहिए और ऐसा न होने पर व्यक्ति को दंड राशि का भुगतान करना पड़ेगा। (4)
अगर आप एक फास्टैग- इनेबल टोल बूथ से गुजरते हैं, और आपके वाहन में या तो फास्टैग नहीं है, या आपके कार्ड में पर्याप्त राशि नहीं है, तो आपको नकद में दोगुना टोल शुल्क देना होगा।
इसके अलावा, अगर आप अपने वाहन की थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी करवाना चाहते हैं तो, 1 अप्रैल 2021 से आपके वाहन में एक वैध फास्टैग होना ज़रूरी है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अनुसार - फास्टैग कार्ड के वितरण और फास्टैग अनुरूप टोल बूथों की स्थापना की निगरानी करने वाली नियामक संस्था - ने हाल ही में उल्लेख किया है कि भारत में 540 से ज़्यादा टोल प्लाज़ा हैं जिनके पास ऐसे कार्ड स्कैन करने के लिए आवश्यक तकनीक है। (4)
इसलिए, लंबी यात्रा पर जाते समय बहुत अधिक भुगतान करने से बचने के लिए जल्द से जल्द फास्टैग कार्ड प्राप्त करना महत्वपूर्ण हो जाता है।
लेकिन आप इसे कैसे प्राप्त कर सकते हैं?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने लोगों को फास्टैग कार्ड प्रदान करने के लिए भारत में 22 बैंकों को अधिकृत किया है। इन 22 बैंकों ने एनएचएआई प्लाज़ा, कॉमन सर्विस सेंटर, पेट्रोल पंप और ट्रांसपोर्ट हब के साथ पूरे भारत में 28000 से अधिक पॉइंट-ऑफ-सेल टर्मिनल स्थापित किए हैं। (5)
आप किसी भी बैंक की वेबसाइट से अपने फास्टैग कार्ड का आवेदन कर सकते हैं। आपको जारीकर्ता बैंक का मौजूदा ग्राहक होना जरूरी नहीं है।
इनके अलावा, पेटीएम और अमेज़न जैसे कई डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं, जो यह कार्ड ऑनलाइन प्रदान करते हैं।
आप इन प्लेटफॉर्म से या उन बैंकों की वेबसाइटों से फास्टैग कार्ड प्राप्त कर सकते हैं जो ये कार्ड प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं।
आप अपने निकटतम पीओएस टर्मिनल पर जाकर भी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।
फास्टैग कार्ड के आवेदन के लिए, आपको अपने केवाईसी दस्तावेज - पहचान प्रमाण और आवासीय प्रमाण जमा करने होंगे। केवाईसी के लिए अलग अलग बैंकों में अलग अलग दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं।
इसके अलावा, आपको अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफ़िकेट (आरसी) और अपना पासपोर्ट आकार का फोटो भी जमा करना होगा। ये दस्तावेज़ इस बात से ताल्लुक नहीं रखते कि आपने कार्ड ऑनलाइन लिया है या ऑफ़लाइन।
ज्यादातर मामलों में फास्टैग कार्ड के लिए भुगतान को तीन घटकों में विभाजित किया जाता है:
FASTag जारी करने के शुल्क के रूप में एक फ्लैट ₹100 लगाया जाता है। राशि जीएसटी सहित है। क्लास 4 वाहनों (जीप, वैन, मिनी एलसीवी) को छोड़कर फ्लैट ₹99 रिफंडेबल डिपॉजिट भी लागू है। इसके अलावा, निजी स्वामित्व वाले वाहनों को FASTag खाते पर न्यूनतम ₹250 की शेष राशि बनाए रखनी होगी।
क्या आप सोच रहे हैं कि जब आप इसे खरीदते हैं तो फास्टैग कार्ड पहले से एक्टिवेटेड होता है या इसे प्राप्त करने के बाद एक्टिवेट करना पड़ता है? पढ़ते रहिये।
अगर आप 22 अधिकृत बैंकों या पीओएस टर्मिनलों में से किसी से भी फास्टैग कार्ड प्राप्त करते हैं, तो यह पहले से एक्टिवेट हो जाएगा।
एक्टिवेशन का क्या मतलब है?
एक्टिवेशन का तात्पर्य लिंक्ड भुगतान विधि के साथ आपके वाहन के साथ कार्ड के रजिस्ट्रेशन से है। यह भुगतान विधि या तो डिजिटल वॉलेट या कोई बैंक खाता (बचत या चालू) हो सकती है।
अगर आप अमेज़न से कार्ड खरीदते हैं, तो आपको एक खाली फास्टैग स्टीकर दिया जाएगा। इसके बाद, आपको अपने वाहन के साथ कार्ड को पंजीकृत करना होगा और फिर इसे प्राप्त करने के बाद अपनी ओर से इसमें भुगतान विधि जोड़नी होगी।
आप इसे कैसे कर करते हैं?
आपको “माय फास्टैग” ऐप डाउनलोड करना होगा, जो एंड्रॉइड और एप्पल दोनों डिवाइस के लिए उपलब्ध है। आप इसे गूगल प्लेस्टोर या एप्पल के ऐप स्टोर से प्राप्त कर सकते हैं।
ऐप डाउनलोड करने के बाद, नीचे बताए गए चरणों का पालन करें:
चरण 1: होमपेज में, आपको "एनएचएआई फास्टैग एक्टिवेट करें" विकल्प मिलेगा; इस पर क्लिक करें।
चरण 2: अगले पेज में “ऑनलाइन खरीदा एनएचएआई फास्टैग एक्टिवेट करें” पर क्लिक करें।
चरण 3: अगले पेज में, “क्यूआर कोड स्कैन करें” पर क्लिक करें, जिसमें आपको अपने फास्टैग कार्ड पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा।
चरण 4: एक बार यह हो जाने के बाद, आपको अपने वाहन का विवरण देना होगा, जिसमें वहां बताया गया वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, वाहन का प्रकार, वगैरह शामिल है।
चरण 5: इसके बाद, आपको भुगतान विधि को अपने फास्टैग कार्ड से लिंक करना होगा।
और आप कर चुके हैं!
बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट जैसे पेटीएम या अमेज़न वॉलेट के अलावा, आपके पास अपने कार्ड को एनएचएआई वॉलेट से लिंक करने का विकल्प भी है। यह वॉलेट माय फास्टैग ऐप पर उपलब्ध है।
इसके एक्टिवेट होने के बाद, आपके टोल बूथ भुगतानों को आपके द्वारा लिंक की गई भुगतान विधि से काट लिया जाएगा।
लेकिन एक जरूरी सवाल यह है कि अगर आपके फास्टैग कार्ड का बैलेंस खत्म हो जाए तो क्या होगा? तब आप क्या करेंगे?
अगर आपने अपने फास्टैग कार्ड को अपने बचत खाते या चालू खाते से लिंक किया है, तो इसे रीचार्ज करने की कोई ज़रूरत नहीं है। उस स्थिति में, आपको केवल यह सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि आपके लिंक्ड बैंक खाते में टोल शुल्क भुगतान करने के लिए पर्याप्त शेष राशि है।
अगर आपने कार्ड को किसी प्रीपेड डिजिटल वॉलेट से लिंक किया है, तो आपको बैलेंस खत्म होने पर इसे रीचार्ज करना होगा। ऐसे कई तरीके हैं जिनकी मदद से आप अपने डिजिटल वॉलेट को रीचार्ज कर सकते हैं, जिसमें शामिल हैं - UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, NEFT, नेट बैंकिंग, वगैरह ।
हालांकि, फास्टैग के लिए तय नियमों के अनुसार, एक ऊपरी सीमा राशि है, जिसके लिए आपको अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट को रीचार्ज करने की अनुमति है। ये हैं :
सीमित केवाईसी खाताधारक - इस तरह के खाताधारक अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में एक बार में 20,000 रुपये की सीमा रख सकते हैं। यह ऐसे खाताधारकों के लिए मासिक रीचार्ज की सीमा भी है।
लेकिन सीमित केवाईसी क्या है?
सीमित केवाईसी तब होता है जब आप अपने मूल आधार नंबर का खुलासा नहीं करते हैं और इसके बजाय वर्चुअल आईडी (वीआईडी) के साथ रजिस्ट्रेशन करते हैं।
पूर्ण केवाईसी खाताधारक - ऐसे खाताधारक एक बार में 1 लाख रुपये तक अपने फास्टैग प्रीपेड वॉलेट में रख सकते हैं। हालांकि, एक सीमित केवाईसी खाताधारक के विपरीत, रीचार्ज करने के लिए कोई अधिकतम सीमा नहीं है।
अब जब आप फास्टैग कार्ड के बारे में सब कुछ जान गए हैं तो आगे बढ़ें और समय समाप्त होने से पहले इसे खरीद लें। याद रखें कि 15 जनवरी 2020 के बाद, अगर आपके वाहन पर फास्टैग कार्ड नहीं लगा है, तो आपको फास्टैग-इनेबल टोल प्लाज़ा पर नकद देकर टोल शुल्क का दोगुना भुगतान करना होगा।