7 Crore+ Customers
Affordable Premium
भारत में 59% क्षेत्र ऐसे हैं जिन्हें भूकंप के लिए खतरनाक माना जाता है। इसलिए, अगर आप ऐसी जगह में रहते हैं तो आपको खुद को और अपने कीमती सामान को सुरक्षित रखने के लिए भूकंप के दौरान क्या नहीं करना चाहिए और क्या करना चाहिए, आपके पास इसकी एक अच्छी जानकारी का होना बेहद आवश्यक है। भूकंप के दौरान आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं इस बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे इस लेख को पूरा पढ़ें -
यदि भूकंप के दौरान आप अपने घर के अंदर हैं तो ऐसे में आपको अपनी गतिविधियों को कम रखने का प्रयास करना चाहिए और साथ ही आपको अपने घर तब तक बाहर नहीं निकलना चाहिए जब तक बाहर का माहौल शांत ना हो जाए। जानिए भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए।
यदि आप सोच रहे हैं कि "भूकंप आने पर क्या करना चाहिए," तो नीचे बताए गए कार्रवाई योग्य स्टेप्स को फॉलो करें:'
अगर आप घर के अंदर हैं और तभी अचानक से भूकंप आ जाता है तो आपको बिना कुछ सोचे समझे ज़मीन पर लेट जाना चाहिए, और खुद को किसी सुरक्षित स्थान जैसे टेबल के निचे जाकर छुपा लेना चाहिए, लेकिन अगर उस समय आपके सामने टेबल नहीं है तो आपको अपने घर के कोने में जाकर अपने चेहरे और सर को अपने हाथों से ढक कर बैठ जाना चाहिए।
भूकंप की स्थिति में आपको किसी मज़बूत फर्नीचर के निचे जाकर छुप जाना चाहिए, अगर ऐसा करना मुमकिन नहीं है तो आप अपने घर के किसी कोने में या इनर डोर के निचे बैठ सकते हैं।
भूकंप के दौरान जितना हो सके आपको कांच के फर्नीचर और खिड़कियों से दूर रहना चाहिए क्यूंकि इनकी वजह से आपको चोट पहुँच सकती है।
अपने सर को एक तकिये से कवर कर लें ताकि ऊपर से गिरने वाले मलबे और काँच के टुकड़ों से अपने सर को सुरक्षित कर सकें।
यदि आप बहार हैं और अचानक से भूकंप आता है तो ऐसी स्थिति में आपको उस स्थान पर स्थिर खड़े रहना चाहिए जहाँ आप खड़े हैं, हालाँकि अगर आप किसी पेड़, बिल्डिंग या इलेक्ट्रिकल कन्सेशन के पास हैं तो आपको जल्द ही वहां से हटकर किसी खुले स्थान में चले जाना चाहिए।
भूकंप के दौरान जितना हो सके आपको लूस यूटिलिटी वायर या फ्यूल/गैस लाइन से दुरी बनाकर रखनी चाहिए, क्यूंकि ऐसे में आपके साथ कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है।
भूकंप के दौरान अगर आप कार चला रहे हैं तो ऐसे में आपको अपनी कार को तुरंत रोककर उसके अंदर ही रहना चाहिए, और आपको तब तक आगे नहीं बढ़ना चाहिए जब तक की भूकंप के झटके शांत न हो जाएँ।
यदि आप भूकंप के कारण मलबे के नीचे फंस गए हैं, तो सुनिश्चित करें कि आग के जोखिम से बचने के लिए माचिस की तीली न जलाएं।।
ऐसी स्थिति में जितना हो सके उतना खुद को शांत रखने को कोशिश करें और किसी भी प्रकार के मूवमेंट को करने से बचें।
अगर आपके आस पास को मेटालिक वस्तु या सीटी है तो उसको बजाये ताकि अन्य लोगों को पता चल सके की आप कहाँ है और आप तक आवश्यक मदद पहुँचाई जा सके। ऐसे में अगर आप चिल्लाते हैं तो आपके मुँह में बहुत सारा धूल जा सकता है जिससे आपको काफी कोई बड़ी परेशानी हो सकती है।
भूकंप के समय यदि आपको अपने स्थान में सुरक्षित महसूस नहीं हो रहा है, तो आपको उस स्थान से खुद को सुरक्षित रूप से बाहर निकलने के लिए निचे दिए गए महत्वपूर्ण संकेतकों को फॉलो करना चाहिए -
भूकंप के दौरान यदि आप अपने निवास स्थान से निकलकर कहीं और जाना चाहते हैं तो इस बात की सुचना सबसे पहले आपको रेस्क्यूवर्स को देनी चाहिए, ताकि वे इसमें अपने स्तर पर आपकी सहायता कर सकें।
अपने निवास स्थान को खाली करते वक़्त अपने इमरजेंसी सर्वाइवल किट को साथ रखें, इसके अलावा आपको इस बात को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है की आपने अपनी सेफ्टी किट में सारी आवश्यक चीज़ों हों।
यदि भूकंप के दौरान आप किसी बिल्डिंग के अंदर हैं तो निचे आने के लिए आपको लिफ्ट की बजाये सीढ़ियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
भूकंप के दौरान आपको सभी प्रकार के शीशे के फर्नीचर/खिड़कियाँ, दीवारों या किसी भी अन्य ऐसी चीज के पास नहीं रहना चाहिए जो भूकंप के झटकों के कारण गिर सकता है।
जब तक भूकंप का प्रभाव कम न हो जाए आपको तब तक अपने स्थान पर ही रहना चाहिए।
आपको भूकंप से क्षतिग्रस्त हुए ब्रिज और सड़कों से बचना चाहिए।
भूकंप की स्थिति में जितना हो सके आपको दरवाजे के सामने खड़े होने से बचना चाहिए।
भूकंप के बाद निचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें -
भूकंप के कारण अगर कहीं आग लग गयी हो, तो उसे नियंत्रित करने की कोशिश करें।
भूकंप के बाद आपको यह आवश्यक रूप से सुनिश्चित करना चाहिए की आपके घर की या आपके क्षेत्र की इलेक्ट्रिकल वायरिंग अथवा पानी की सप्लाई लाइन को कहीं अधिक नुकसान तो नहीं पहुँचा है।
भूकंप के बाद आपको खुद को अपडेट रखने के लिए रेडियो के न्यूज़ प्रसार पर अपनी नज़र बनाये रखनी चाहिए।
भूकंप के बाद आपको ऐसे केमिकल या या अन्य ज्वलनशील प्रोडक्ट्स को साफ करना चाहिए जिनमें आग लगने की सम्भावना है, क्यूंकि इनकी वजह से कोई बड़ी दुर्घटना भी घट सकती है।
अपनी सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर पब्लिक सेफ्टी निर्देशों का पालन करें।
घायल लोगों को फर्स्ट एड दें या फिर अगर ज्यादा गंभीर स्थिति है तो मेडिकल हेल्प की तलाश करें।
अगर भूकंप के कारण किसी इमारत को स्ट्रक्चरल क्षति पहुँचती है तो इस बात की जानकारी आपको अपने क्षेत्र के सरकारी अधिकारियों को देनी चाहिए।
भूकंप के बाद कई बार आफ्टरशॉक्स आते हैं, इसलिए आपको इनके लिए खुद को तैयार रखना चाहिए। भूकंप के बाद आपको किसी क्षतिग्रस्त इमारत के अंदर जाने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा भी संभव है की आफ्टरशॉक्स के कारण उस इमारत को और क्षति पहुंचे और वह ढह जाए।
भूकंप के बाद आपको एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए अपनी कार का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि भूकंप के बाद ऐसा करना बिलकुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता है।
जैसा हम सभी जानते ही हैं की प्राकृतिक आपदा को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, और न तो इसे रोकना ही संभव है। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में खुद को सुरक्षित रखने के लिए आपको ऐसी प्राकृतिक आपदा के लिए खुद को तैयार करने की जरुरत पड़ती है। कुछ ऐसी चीज़ें जिन्हे आप भूकंप से पहले कर खुद की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं वे निम्नलिखित हैं -
यदि आपके घर की छत में किसी भी प्रकार का स्ट्रक्चरल डैमेज, जैसे दरार आदि हैं तो आपको उसे नज़रअंदाज़ किये बिना उसकी जल्द से जल्द मरम्मत करवानी चाहिए।
अपने घर के स्टैंडर्ड को सही रखने के लिए आपको अपने एरिया के उपयुक्त बी आई एस कोड पर ध्यान देना चाहिए।
नाज़ुक चीज़ें जैसे काँच की बोतल और खाने की चीज़ों को हमेशा सबसे निचली शेल्व में बंद करके रखें।
यदि पंखे और लाइट्स दीवार से सही तरीके से नहीं लगे हैं तो, ऐसे में आपको उनकी मरम्मत करवाने में देर नहीं करना चाहिए।
यदि आपके घर की इलेक्ट्रिक वायरिंग ठीक नहीं या या गैस कनेक्शन में लीकेज हैं तो आपको उन्हें जल्द से जल्द ठीक करवाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि आप आग जैसे रिस्क से खुद को बच सकें। इसके अलावा आपको अपने घर के वाटर हीटर और एल पी जी सिलेंडर को दीवार से लगाकर रखना चाहिए, ताकि भूकंप के दौरान उनकी वजह से आपको किसी प्रकार का नुकसान न उठाना पड़े।
अपने घर पर मौजूद सारे फ्लेमेबल प्रोडक्ट्स को आपको सबसे निचली शेल्व में बंद करके रख देना चाहिए।
अस्पतालों और डॉक्टरों के इमरजेंसी कांटेक्ट नंबरों को आपको हमेशा भी साथ रखने की कोशिश करनी चाहिए।
घर के अंदर और बाहर कुछ मजबूत जगहों का पता लगाएं। जिनमें निम्नलिखित चीज़ें शामिल हैं:
बाहर - पेड़ों, इमारतों, फ्लाईओवर, पुल और इलेक्ट्रिकल लाइनों से दूर रहें।
घर के अंदर - किसी भी मजबूत टेबल के नीचे जाएं और शीशे, खिड़कियों, फर्नीचर और बुक-केस से दूर रहें।
खुद को और अपने परिवार के सदस्यों को प्रिवेंटिव मेज़र्स के बारे में जानकारी दें, ताकि वे ऐसी आपदा से निकलने में सफल हो सकें।
कुछ अन्य प्रिवेंटिव मेज़र्स में निम्नलिखित चीज़ें शामिल हैं -
एक इमरजेंसी किट को हर वक़्त तैयार रखें। आपकी इमरजेंसी किट में एक रेडियो, टोर्च और उसके कुछ एडिशनल बैटरी को आवश्यक रूप से शामिल करना चाहिए। इनके अलावा आपको अपनी इस किट में एक फर्स्ट ऐड किट, इमरजेंसी फ़ूड और दवाइयों को भी साथ रखना चाहिए।
अखबार में अस्पतालों और लोकल सर्विस के कांटेक्ट डिटेल्स को छपवा कर अपने आस पास के लोगों की सहायता करनी चाहिए।
आपको अपने परिवार के लिए एक इमरजेंसी कम्युनिकेशन प्लान का निर्माण करना चाहिए। यदि भूकंप के कारण आपका परिवार बिखर जाए तो भूकंप के बाद यह आपके पुरे परिवार को एक जगह पर एकत्रित करने में सबकी सहायता करेगा। अगर ऐसा करना मुमकिन नहीं है तो आपको अपने किसी दोस्त को ‘फैमिली कांटेक्ट’ की तरह एक्ट करने के लिए पूछना चाहिए, हालाँकि आपको इस बात को भी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पड़ेगी की आपके परिवार के सभी लोगों को उस व्यक्ति का नाम, पता और कॉन्टैक्ट नंबर याद रहे।
आपको किसी प्रकार की भारी तस्वीर या शीशे को बिस्तर के ऊपर अपने सिरहाने या अपने घर के सिटींग एरिया में रखने से हरगिज़ बचना चाहिए।
आपको ऊपरी शेल्व में भारी वस्तुओं को कभी नहीं रखना चाहिए।
अपने दीवार पर लगे डैमेज शेल्व को नज़रअंदाज़ न करें, और उसे दीवार से इस प्रकार लगाएं की भूकंप जैसी स्थिति में वह निचे न गिरें।
खुद को शांत रखें पैनिक न करें और साथ ही अफवाहों को फ़ैलाने से भी बचें।
बीते 15 सालों में भारत में करीब 10 प्रभावशाली भूकंप देखने को मिले हैं। इसके अलावा एक वर्ष में करीब 11 ऐसे भूकम्पों को रिकॉर्ड किया गया है जिनका मैगनीट्यूड 7.0 के करीब था। इसलिए भूकंप की स्थिति में खुद को सुरक्षित रखने के लिए खुद को भूकंप जैसी आपदा से निपटने की शिक्षा दें।