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भारत में मौजूद फ्लड प्रोन क्षेत्र

 

पिछले कुछ सालों में भारत के ईस्टर्न, सेंट्रल व नॉर्थेर्न क्षेत्रों में बारिश और जलभराव में तीन गुना वृद्धि देखने को मिली है, जो काफी बड़ा आंकड़ा हैं। साउथवेस्ट से आती हुए मानसून की हवाएँ घने बादलों को भी साथ लेकर आती है जो यमुना, गंगा, ब्रह्मपुत्र आदि नदियों के किनारे बरस कर बाढ़ का कारण बनती हैं। तीव्र मानसून के कारण नदी के किनारे सूज जाते हैं, जिस कारण आस-पास के क्षेत्रों में बाढ़ आ जाती है।

भारत में फ्लड से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों के नाम निचे दी गयी टेबल में दिए गए हैं -

राज्य

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र (मिलियन हेक्टेयर में)

उत्तर प्रदेश

7.336

पंजाब

3.7

राजस्थान

3.26

बिहार

4.26

असम

3.15

हरयाणा

2.35

वेस्ट बंगाल

2.65

ओड़िसा

1.14

गुजरात

1.39

तमिलनाडु

0.45

आंध्र प्रदेश

1.39

मध्य प्रदेश

0.26

त्रिपुरा

0.33

महाराष्ट्र

0.23

मणिपुर

0.08

जम्मू और कश्मीर

0.08

हिमाचल प्रदेश

0.23

दिल्ली

0.05

मेघालय

0.02

कर्नाटक

0.02

पुडुचेरी

0.01

केरला

0.87

भारत में सबसे अधिक फ्लड-अफेक्टेड क्षेत्र गंगा और ब्रह्मपुत्र प्लेन्स के बेसिन के समीप स्थित होता है। नार्थ और नॉर्थेर्न ईस्ट भारत के इंडो-गंगेटिक-ब्रह्मपुत्र प्लेन्स में भारत के कुल रिवर फ्लो का करीब 60% हिस्सा होता है।

भारत के फ्लड-प्रोन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए इंश्योरेंस पॉलिसी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल