मुंबई में पेट्रोल टैक्स के बारे में सबकुछ
इस आर्टिकल में ये जानकारी 21 अक्टूबर, 2022 को अपडेट की गई थी।
पेट्रोल के बढ़ते दामों ने भारतीय मोटरचालकों की चिंता बढ़ाई है। इस बात को ध्यान में रखते हुए, केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी ₹ 5 प्रति लीटर कम कर दी है।
इसी तरह दूसरे राज्यों से भी आग्रह किया गया है कि कुल कीमत कम करने के लिए पेट्रोल पर वैट कम कर दिया जाए। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने वैट कम करने से इंकार कर दिया था क्योंकि ये राजस्व का अहम जरिया है।
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चूंकि महराष्ट्र सरकार ने पेट्रोल पर वैट बदलने से इंकार कर दिया था, इसलिए यहां पेट्रोल पर 25% का वैट और ₹ 10.20 प्रति लीटर का अतिरिक्त टैक्स लिया जाता है। इस वजह से मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹ 100 के निशान से ऊपर ही रहती हैं।
नीचे दी गई टेबल को देखें, इसमें उन कंपोनेंट की लिस्ट बनाई गई है जो मुंबई में पेट्रोल की कीमत में शामिल होते हैं:
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सेक्शन |
21 अक्टूबर, 2022 से प्रभावी (₹ प्रति लीटर में) |
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डीलर से ली गई कीमत |
₹ 57.35 प्रति लीटर |
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एक्साइज ड्यूटी (केंद्र सरकार की ओर से ली गई) |
₹ 19.90 प्रति लीटर |
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औसत डीलर कमीशन |
₹ 7.78 per litre |
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राज्य सरकार की ओर से लगाया गया वैट+अतिरिक्त उपकर |
₹ 21.26 प्रति लीटर { (डीलर से ली जाने वाली पेट्रोल की कीमत+ एक्साइज ड्यूटी + औसत डीलर कमीशन) का 25% + ₹ 10.20 प्रति लीटर } |
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मुंबई में पेट्रोल का खुदरा बिक्री मूल्य |
₹ 106.29 प्रति लीटर |
मुंबई में पेट्रोल पर वैट कौन लगाता है?
महाराष्ट्र सरकार मुंबई और दूसरे शहरों में पेट्रोल पर टैक्स लगाती है। केंद्र सरकार भी पेट्रोल पर ₹ 27.90 प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लगाती है। इसलिए, क्रूड ऑयल की कीमत, डीलर कमीशन वगैरह के साथ एक्साइज ड्यूटी और वैट, दोनों ही पेट्रोल की कीमत का निर्धारण करते हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार केंद्र सरकार की ओर से लगाई गई एक्साइज ड्यूटी से मिले राजस्व को साझा करती है। हालांकि, उपकर, अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से मिला राजस्व राज्य को नहीं मिलता है।
मुंबई में कौन से कारक पेट्रोल टैक्स को प्रभावित करते हैं?
मुंबई में पेट्रोल टैक्स को प्रभावित करने वाले फैक्टर को देखें:
1. क्रूड ऑयल की कीमत
क्रूड ऑयल की कीमत में हुए बदलाव पेट्रोल की कीमतों पर सीधेतौर पर असर डालते हैं। क्रूड ऑयल की कीमत पर असर डालने वाले फैक्टर हैं- मांग और सप्लाई, तेल भंडार और भविष्य में इसकी सप्लाई के साथ इंटरनेशनल पॉलिटिकल रिलेशन।
2. डीलर का कमीशन
ओएमसी पेट्रोल पम्प मालिकों को कमीशन देती है जो पेट्रोल की कीमतों पर असर डालता है।
3. डीलर के लिए लागत
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां क्रूड ऑयल लेकर वितरित करती हैं। ये कंपनियां रिफ़ाइनिंग की लागत और भाड़े जैसे फैक्टर का ध्यान रखते हुए डीलर से शुल्क लेती हैं। ओएमसी की ओर से निर्धारित ये कीमत पेट्रोल की कीमत का निर्धारण करने में अहम भूमिका निभाती है।
4. एक्साइज ड्यूटी और सेल्स टैक्स या वैट
एक्साइज ड्यूटी केंद्र सरकार की ओर से लगाई जाने वाली पूर्वनिर्धारित राशि है और ये हमेशा एक सी रहती है। इस वजह से पेट्रोल की कीमत में बदलाव का इस पर असर नहीं पड़ता है।
हर राज्य के हिसाब से वैट बदलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हर राज्य सरकार कुछ फैक्टर जैसे डीलर कमीशन, एक्साइज ड्यूटी वगैरह का ध्यान रखते हुए वैट का निर्धारत करती है।
5. पेट्रोल की मांग और सप्लाई
भारतीय सड़कों पर दोपहिया और चार पहिया वाहन लगातार बढ़ते जा रहे हैं, इसकी वजह से भारत में ईंधन की मांग भी बढ़ती जा रही है। अक्सर, ऑयल रिफाइनरी कंपनियां क्रूड ऑयल की सप्लाई में कमी, बढ़ती पेट्रोल की मांग की वजह से ईंधन की इस मांग को पूरा नहीं कर पाती हैं।
6. यूएस डॉलर के मुकाबले भारतीय रूपये का मूल्यांकन
क्रूड ऑयल को अंतरराष्ट्रीय बाजार से ख़रीदा जाता है और लेनदेन अमेरिकी डॉलर में किया जाता है। इसलिए भारतीय मुद्रा के मुकाबले यूएस डॉलर का मूल्यांकन थोड़ा भी बदलने पर क्रूड ऑयल खरीदने की लागत पर इसका असर पड़ता है। इसका असर पेट्रोल की कीमत पर भी पड़ता है।
क्या मुंबई में हर जगह पेट्रोल टैक्स एक जैसा होता है?
जैसा कि पहले भी बताया गया है, महाराष्ट्र सरकार ने पूरे राज्य में पेट्रोल पर एक सामान वैट लागू किया हुआ है। इसलिए, मुंबई और दूसरे शहरों के नागरिक राज्य सरकार की ओर से लागू वैट का ही भुगतान करेंगे। हालांकि, डीलरों के लिए कमीशन में बदलाव को देखते हुए पेट्रोल की कीमतें महाराष्ट्र के शहरों में अलग-अलग हो सकती हैं
इस तरह से, ये मुंबई में पेट्रोल टैक्स के बारे में है। इसके अतिरिक्त, ध्यान रखिए कि पेट्रोल की कीमत ऊपर बताए गए फैक्टर के चलते बदलती रहती है। इसलिए किसी भी तरह की दिक्कत से बचने के लिए अपडेट पर जरूर ध्यान दीजिए।