तमिलनाडु में पेट्रोल टैक्स के बारे में पूरी जानकारी
इस लेख में दी गई जानकारी 21 अक्टूबर 2022 को अपडेट की गई थी।
केंद्र सरकार ने हाल ही में पेट्रोल पर एक्साइज़ ड्यूटी ₹5 प्रति लीटर कम की। फिर भी, तमिलनाडु समेत कई राज्य पेट्रोल पर से वैट घटाने को राजी नहीं हैं।
इसलिए, पेट्रोल पर अभी भी 15% वैट लग रहा है। पिछली बार तमिलनाडु में अगस्त में ₹3 प्रति लीटर वैट घटाया गया था।
क्या आप तमिलनाडु में पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स के बारे में अधिक जानना चाहते हैं?
आगे पढें
तमिलनाडु पर पेट्रोल पर वैट के अलावा भी कई घटक उसकी कीमत को प्रभावित करते हैं।
पेट्रोल की कीमत को प्रभावित करने वाले घटक नीचे सारणी में दिए गए हैं :
|
सेक्शन |
21 अक्टूबर से प्रभावी (₹प्रति लीटर में) |
|
डीलर से ली जाने वाली कीमत |
₹57.35 प्रति लीटर |
|
एक्साइज़ ड्यूटी (केंद्र सरकार द्वारा लागू) |
₹19.90 प्रति लीटर |
|
डीलर का औसत कमीशन |
₹14.68 प्रति लीटर |
|
वैट (राज्य सरकार द्वारा लागू) |
₹11.95 प्रतिलीटर {(डीलर से लिया जाने वाला फ़्यूल चार्ज + एक्साइज़ ड्यूटी + डीलर का औसत कमीशन) का 13%} |
|
तमिलनाडु में खुदरा बिक्री की कीमत |
₹103.88 प्रति लीटर |
तमिलनाडु में पेट्रोल टैक्स कौन लगाता है?
तमिलनाडु में राज्य सरकार पेट्रोल पर वैट लगाती है। इसी प्रकार, भारत में हर राज्य की सरकार, सेंट्रल एक्साइज़ ड्यूटी, डीलर का कमीशन वगैरह तय करने के बाद, फ़्यूल पर वैट लगाती है। इसलिए, वैट हर राज्य के अनुसार बदल जाता है।
पिछले 15 वर्षों से, तमिलनाडु के टैक्स रेवेन्यू में वैट और पेट्रोल का भाग लगभग 12.5% से 16% तक है।
तमिलनाडु में पेट्रोल टैक्स की कीमत को प्रभावित करने वाले घटक क्या हैं?
नीचे दी गई बातें तमिलनाडु में पेट्रोल की कीमत को प्रभावित करती हैं-
1. क्रूड ऑयल की कीमत
क्रूड ऑयल की मांग और पूर्ति में आने वाला फर्क उसकी कीमत को प्रभावित करता है। इसके साथ ही, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति और भविष्य के लिए ऑयल रिजर्व और उसकी सप्लाई भी फ़्यूल की कीमत को बहुत ज्यादा प्रभावित करती हैं।
भारत अंर्ताराष्ट्रीय बाजार से पर्याप्त मात्रा में क्रूड ऑयल आयात करता है। इसके अनुसार ही, देश को क्रूड ऑयल की बढ़ती वैश्विक कीमत अदा करनी पड़ती है, जिसका सीधा असर तमिलनाडु में पेट्रोल और डीजल की कीमत पर पड़ता है।
2. फ़्यूल की मांग और पूर्ति
भारतीय सड़कों पर ऑटोमोबाइल की बढ़ती संख्या के कारण पेट्रोल की मांग भी बढ़ती जा रही है। इंडियन ऑयल रिफ़ायनरी कंपनी अंतर्राष्ट्रीय बाजार से क्रूड ऑयल खरीदती हैं। लेकिन बढ़ती मांग के कारण, कई बार पूर्ति में कमी आ जाती है। इसलिए, अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, फ़्यूल की कीमत भी बढ़ जाती है, और पूर्ति बढ़ने पर घट जाती है।
3. डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये की कीमत
अंतर्राष्ट्रीय बाजार क्रूड ऑयल सप्लाई करता है। यह लेन देन यूएस डॉलर में होता है। इसलिए, इसमें होने वाले बदलाव भारतीय रुपए की कीमत को प्रभावित करते हैं। डॉलर की जितनी ज्यादा होगी, क्रूड ऑयल को खरीदने की कीमत भी उतनी ज्यादा होगी। इसी अनुसार, पूरे उत्पाद यानी पेट्रोल की कीमत भी ज्यादा हो जाएगी, और इसका उलटा होने पर कीमत घट जाएगी।
4. रिफ़ायनरी की उपलब्धता
क्रूड ऑयल से रिफ़ायनरी में पेट्रोल निकाला जाता है। अगर रिफ़ायनरी की संख्या कम होगी, तो फ़्यूल की सप्लाई भी मांग की तुलना में कम हो जाएगी। इसके अनुसार, पेट्रोल की कीमत बढ़ जाएगी।
5. सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी और वैट
वैट और सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी दोनों ही तमिलनाडु में पेट्रोल की कीमत को प्रभावित करते हैं। लेकिन मौजूदा टैक्स को कम करने की व्यवस्था से पहले, लगभग 52% पेट्रोल कीमतों से टैक्स की भरपाई की जाती है। इससे भारतीय चालकों को ऊंची कीमत पर पेट्रोल खरीदने में परेशानी आती है।
क्या तमिलनाडु के सभी शहरों में पेट्रोल टैक्स एक समान है?
हां, पेट्रोल का स्टेट टैक्स तमिलनाडु के सभी शहरों में एक समान है। हालांकि, पेट्रोल की कीमत डीलर के कमीशन और अन्य घटकों के कारण हर शहर में अलग हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, अरियालुर में 9 नवंबर से पेट्रोल की कीमत ₹102.37 प्रति लीटर है। उसी समय पर कोयंबतूर में कीमत ₹101.89 प्रति लीटर है।
तमिलनाडु के पेट्रोल टैक्स के नियमित अपडेट पर नजर बनाए रखें क्योंकि तमाम कारणों से इसकी कीमत बदलती रहती है।