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आधार ई-केवाईसीः आधार को ऑनलाइन कैसे वेरिफ़ाई करें?

आधार ई-केवाईसी क्या है?

आधार ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण में क्या अंतर है?

आधार ई-केवाईसी वेरिफ़िकेशन कैसे पूरा करें?

आधार ई-केवाईसी के क्या फायदे हैं?

अपना आधार केवाईसी स्टेटस कैसे देखें?

कौन सी संस्थाएं आधार ई-केवाईसी का इस्तेमाल करती हैं?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

ऑनलाइन आधार ई-केवाईसी का चयन करते समय किन बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है?

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सेवा प्रदाताओं को नीचे बताए गए कारणों की वजह से, ऑनलाइन आधार ई-केवाईसी के दौरान कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिवाइसों की कमी की वजह से जरूरी इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने की वजह से इस तरह के मामलों में, प्रमाणीकरण की प्रक्रिया ऑफलाइन की जा सकती है।

सेवा प्रदाताओं को नीचे बताए गए कारणों की वजह से, ऑनलाइन आधार ई-केवाईसी के दौरान कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

  • जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर और डिवाइसों की कमी की वजह से
  • जरूरी इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने की वजह से

इस तरह के मामलों में, प्रमाणीकरण की प्रक्रिया ऑफलाइन की जा सकती है।

आधार ई-केवाईसी के लिए क्या मुझे अपने आधार कार्ड का फिजिकल कॉपी भी देनी होगी?

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नहीं, आधार ई-केवाईसी पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह के दस्तावेज़ देने की जरूरत नहीं होती है।

नहीं, आधार ई-केवाईसी पूरी तरह से पेपरलेस प्रक्रिया है और इसमें किसी भी तरह के दस्तावेज़ देने की जरूरत नहीं होती है।

किसी अन्य दस्तावेज़ के वेरिफ़िकेशन की ऑफलाइन प्रक्रिया के बजाय आधार ई-केवाईसी की ऑफलाइन प्रक्रिया कैसे ज्यादा प्रभावी है?

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किसी अन्य पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या पासपोर्ट के वेरिफ़िकेशन के दौरान ऐसा कोई भी तरीका नही होता जिसमें इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया जा सके और ग्राहक के किसी फर्जी दस्तावेज़ ले लेने की आशंका बहुत ज्यादा होती है। दूसरी तरफ एक्सएमएल फाइल जो कि आधार के ई-केवासी में इस्तेमाल की जाती है उस पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं और यह यूआईडीएआई द्वारा सुरक्षित होता है। इतना ही नहीं, एजेंट एक्सएमएल रीडर की मदद से सामग्री को पढ़कर उसे वेरिफ़ाई कर सकते हैं, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके।

किसी अन्य पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या पासपोर्ट के वेरिफ़िकेशन के दौरान ऐसा कोई भी तरीका नही होता जिसमें इन दस्तावेज़ों को प्रमाणित किया जा सके और ग्राहक के किसी फर्जी दस्तावेज़ ले लेने की आशंका बहुत ज्यादा होती है। दूसरी तरफ एक्सएमएल फाइल जो कि आधार के ई-केवासी में इस्तेमाल की जाती है उस पर डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं और यह यूआईडीएआई द्वारा सुरक्षित होता है। इतना ही नहीं, एजेंट एक्सएमएल रीडर की मदद से सामग्री को पढ़कर उसे वेरिफ़ाई कर सकते हैं, ताकि प्रक्रिया पूरी की जा सके।

क्या मेरा सेवा प्रदाता मेरे ऑफ़लाइन बिना किसी दस्तावेज़ ई-केवाईसी डेटा को अन्य संस्थाओं के साथ साझा कर सकता है?

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नहीं, निजी संस्थानों और एजेंटों को XML फ़ाइल या शेयर कोड जैसे किसी भी ऑफ़लाइन ई-केवाईसी विवरण को साझा करने, प्रदर्शित करने या प्रकाशित करने से कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इस तरह के गोपनीय डेटा को लीक करना, आधार अधिनियम, 2016 की धारा 29 (2), 29 (3) और 37, आधार प्रमाणीकरण विनियम, 2016 की धारा 17 और 25, और आधार शेयरिंग सूचना विनियमन, 2016 की धारा 4 और 6 के तहत दंड के अधीन है।

नहीं, निजी संस्थानों और एजेंटों को XML फ़ाइल या शेयर कोड जैसे किसी भी ऑफ़लाइन ई-केवाईसी विवरण को साझा करने, प्रदर्शित करने या प्रकाशित करने से कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इस तरह के गोपनीय डेटा को लीक करना, आधार अधिनियम, 2016 की धारा 29 (2), 29 (3) और 37, आधार प्रमाणीकरण विनियम, 2016 की धारा 17 और 25, और आधार शेयरिंग सूचना विनियमन, 2016 की धारा 4 और 6 के तहत दंड के अधीन है।