hamburger
×
Digit General Insurance Logo
Powered By Digit
general-insurance
mobile-img

अपना ABHA कार्ड ऑनलाइन प्राप्त करें

तुरंत बनाएं और डाउनलोड करें

desktop-img

पैन कार्ड केवाईसी का वेरिफ़िकेशन कैसे करें - ऑनलाइन और ऑफलाइन

पैन कार्ड केवाईसी पर एक नज़र

पैन के लिए नो योर कस्टमर प्रक्रिया की ज़रूरत

पैन कार्ड केवाईसी रजिस्ट्रेशन के तरीके

ऑनलाइन और ऑफलाइन पैन कार्ड केवाईसी वेरिफ़िकेशन के लिए ज़रूरी दस्तावेज

किन मामलों में पैन कार्ड केवाईसी ज़रूरी है?

पैन कार्ड केवाईसी का स्टेटस देखने की क्या प्रक्रिया है?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या ई-पैन लेने के लिए ईमेल आईडी अनिवार्य है?

up-arrow

हां। ई-पैन लेने के लिए, पैन आवेदन पत्र में एक वैध ईमेल आईडी देना अनिवार्य है।

हां। ई-पैन लेने के लिए, पैन आवेदन पत्र में एक वैध ईमेल आईडी देना अनिवार्य है।

क्या आधार को पैन से जोड़ना अनिवार्य है?

up-arrow

आयकर अधिनियम की धारा 139AA के अनुसार, 1 जुलाई 2017 तक पैन रखने वाले सभी व्यक्तियों को अपने आधार नंबर को अपने पैन कार्ड से जोड़ना होगा। इसके अलावा, यह सेक्शन नए पैन आवेदन के साथ-साथ रिटर्न दाखिल करते समय आधार को लिंक करना भी अनिवार्य करता है।

आयकर अधिनियम की धारा 139AA के अनुसार, 1 जुलाई 2017 तक पैन रखने वाले सभी व्यक्तियों को अपने आधार नंबर को अपने पैन कार्ड से जोड़ना होगा। इसके अलावा, यह सेक्शन नए पैन आवेदन के साथ-साथ रिटर्न दाखिल करते समय आधार को लिंक करना भी अनिवार्य करता है।

क्या पैन के आवेदकों के पते और पहचान और उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों की वास्तविकता को वेरिफ़ाई करने के लिए कोई थर्ड-पार्टी वेरिफ़िकेशन किया जाता है?

up-arrow

हां। आयकर विभाग ने जो प्रक्रिया तय की है, उसके अनुसार पैन आवेदकों के पते और पहचान वेरिफ़िकेशन के लिए एक थर्ड पार्टी वेरिफ़िकेशन किया जा सकता है। इनके अतिरिक्त, आवेदन के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की सत्यता चेक की जाती है। साथ ही, वेरिफ़िकेशन के दौरान इनमें से कोई भी जानकारी गलत पाए जाने पर आयकर विभाग ज़रूरी कार्रवाई कर सकता है।

हां। आयकर विभाग ने जो प्रक्रिया तय की है, उसके अनुसार पैन आवेदकों के पते और पहचान वेरिफ़िकेशन के लिए एक थर्ड पार्टी वेरिफ़िकेशन किया जा सकता है। इनके अतिरिक्त, आवेदन के दौरान जमा किए गए दस्तावेजों की सत्यता चेक की जाती है। साथ ही, वेरिफ़िकेशन के दौरान इनमें से कोई भी जानकारी गलत पाए जाने पर आयकर विभाग ज़रूरी कार्रवाई कर सकता है।