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प्रॉफिट आफ्टर टैक्स क्या है: परिभाषा, फॉर्मूला और महत्व समझाया गया

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) क्या है?

किसी कंपनी के लिए प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) कैसे महत्वपूर्ण है?

अब जब आपको प्रॉफिट आफ्टर टैक्स की बुनियादी समझ हो गई है, तो आप इसकी कैलकुलेशन प्रक्रिया के बारे में सोच रहे होंगे। नीचे दिए गए सेक्शन आपको प्रॉफिट आफ्टर टैक्स के फॉर्मूले की समझ देंगे।

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स = टैक्स से पहले लाभ - टैक्स रेट

प्रॉफिट बिफोर टैक्स (पीबीटी): परिचालन और गैर-परिचालन सहित कुल खर्चों पर विचार करके इसकी कैलकुलेशन की जा सकती है। फिर इसे कुल राजस्व (परिचालन और गैर-परिचालन राजस्व) से निकाला जाता है।

टैक्स रेट: टैक्सेशन की कैलकुलेशन पीबीटी के आधार पर की जाती है, जबकि किसी कंपनी की जिओग्राफ़िकल लोकेशन उसकी टैक्स की दर निर्धारित करती है ।

एक उदाहरण आपको टैक्स के बाद कुल लाभ के फॉर्मूले को और समझने में मदद करेगा-

एबीसी प्राइवेट लिमिटेड ₹50,000 का सालाना राजस्व कमाता है। इसका परिचालन और गैर-परिचालन खर्च क्रमशः ₹15,000 और ₹5,000 रुपये है। टैक्स रेट लगभग 30% है।

विवरण

रकम

सालाना राजस्व

₹ 50,000

परिचालन खर्च

₹ 15,000

गैर-परिचालन

₹ 5,000

टैक्स रेट

30%

प्रॉफिट बिफोर टैक्स (₹ 50,000 - ₹ (15,000 + 5,000)

₹ 30,000

टैक्सेबल रकम (₹30,000 का 30% )

₹ 9,000

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (₹ 30,000 - ₹ 9,000)

₹ 21,000

 

इस प्रकार, एबीसी प्राइवेट लिमिटेड का पीएटी ₹21,000 है।

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) का क्या महत्व है?

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) आंकलन के क्या फ़ायदे हैं?

प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पीएटी) आंकलन के क्या नुकसान हैं?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल