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ओन डैमेज इंश्योरेंस यानी ओडी (OD) इंश्योरेंस के बारे में पूरी जानकारी
जैसा कि नाम से पता चलता है, ओन डैमेज इंश्योरेंस एक कस्टमाइज्ड मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी है जिसे आपको और आपके इंश्योर्ड वाहन को हुई टूट-फूट और नुकसान से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है।
आइए एक मज़ेदार पर सच घटना का उदाहरण देखें; मान लीजिए कि आपकी कार अपनी रोज की जगह पर खड़ी है और अचानक बगल के पेड़ से एक शाखा उस पर गिर जाए। इससे भी बदतर ये हो सकता है कि आपके पड़ोसी की क्रिकेट गेंद कार की एक खिड़की तोड़ दे या फिर उसपर एक नारियल गिर जाए। इससे बड़ा डेंट भी पड़ सकता है!
बातें सुनने में छोटी लगें मगर नुकसान भारी कर सकती हैं! ऐसी स्थितियों में ओडी (OD) इंश्योरेंस ही आपको ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण मुसीबतों से उबरने में मदद कर सकता है।
इसके बारे में और जानें:
ओन डैमेज इंश्योरेंस खरीदने के लिए कौन योग्य है?
सितंबर 2019 से इंश्योरेंस कंपनियां अब ऐसी कारों और दोपहिया वाहनों के लिए स्टैंडअलोन यानी अलग से ओन डैमेज इंश्योरेंस पॉलिसी दे सकती हैं जिनके पास केवल थर्ड-पार्टी कार या बाइक इंश्योरेंस है।
उदाहरण के लिए; कई कार या बाइक मालिकों ने अपना वाहन खरीदते समय लंबे समय के लिए थर्ड-पार्टी पॉलिसी खरीदी है (खासतौर पर जो मार्च 2019 में ली गई हैं)। ये लोग अब अपने वाहन को हुई टूट-फूट और नुकसान के लिए स्टैंडअलोन ओडी (OD) इंश्योरेंस का विकल्प चुन सकते हैं।
ध्यान दें: जब आप एक ओडी (OD) इंश्योरेंस खरीदते हैं, तो आप अप्रत्यक्ष रूप से यह स्पष्ट करते हैं कि आपके पास पहले से ही एक वैलिड थर्ड-पार्टी पॉलिसी है (जैसा कि भारतीय मोटर कानूनों के हिसाब से अनिवार्य है)। यह डिजिट इंश्योरेंस या किसी अन्य कंपनी का भी हो सकता है
स्टैंडअलोन ओडी (OD) इंश्योरेंस किसे मिलना चाहिए?
ओडी (OD) इंश्योरेंस में क्या शामिल है?
इसमें क्या कवर नहीं किया गया है?
हालांकि ओन डैमेज कवर आपके वाहन की सुरक्षा के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन यहां कुछ अपवाद भी हैं।
ओन डैमेज इंश्योरेंस के साथ उपलब्ध ऐड-ऑन
- शून्य डेप्रिसिएशन कवर
- इंजन और गियरबॉक्स सुरक्षा कवर
- ब्रेकडाउन असिसटेंस
- कंज्यूमेबल कवर
- रिटर्न टू इनवॉइस कवर
- टायर प्रोटेक्ट कवर (केवल कार के लिए)
- यात्री कवर (केवल कार के लिए)
ओन डैमेज प्रीमियम क्या है?
ओन डैमेज प्रीमियम वह कीमत है जो आप अपने ओडी (OD) इंश्योरेंस के लिए चुकाते हैं। इसके लिए प्रीमियम मूल्य आमतौर पर आपके वाहन के प्रकार के आधार पर तय किया जाता है कि यह कितना पुराना है और आप इसका इस्तेमाल किस शहर में करते हैं।
हालांकि, आपकी प्रीमियम कीमत चाहे जो भी हो, हर एक ओडी (OD) इंश्योरेंस पॉलिसी आपको नीचे दिए गए नुकसानों से सुरक्षा मुहैया कराती है:
- बाहरी साधनों से अचानक होने वाले नुकसान से।
- डकैती, चोरी और घर में तोड़फोड़ से।
- आगजनी, धमाका, विस्फोट, बिजली, और अपने-आप आग लगने से।
- प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, आंधी, बवंडर, ओलावृष्टि वगैरह से।
- भूकंप, भूस्खलन और चट्टानें खिसकने से ।
- रेल, सड़क, वायु या अंतर्देशीय जलमार्ग द्वारा वाहनों के ट्रांजिट से।
- आतंकवाद के हमले, दंगे और हड़ताल, या दुर्भावनापूर्ण नुकसान से।
ओन डैमेज प्रीमियम कैसे कैलकुलेट होता है?
चार पहिया या दोपहिया वाहन के लिए ओन डैमेज प्रीमियम के ये आधार हैं:
- वाहन का मेक, प्रकार और उम्र।
- वाहन का घोषित मूल्य।
- इंजन की क्यूबिक क्षमता।
- क्षेत्र
आइए हम ओन डैमेज प्रीमियम की मैथमेटिकल कम्प्यूटेशन को देखें, लेकिन इससे पहले आपको कैलकुलेशन का आधार पता होना चाहिए।
ओडी (OD) प्रीमियम - जिस गाड़ी का इंश्योरेंस हुआ है उसका घोषित मूल्य (IDV) X [प्रीमियम रेट (इंश्योरेंस कंपनी द्वारा तय)] + [ऐड-ऑन (जैसे बोनस कवरेज)] - [छूट और लाभ (नो क्लेम बोनस, थेफ़्ट डिसकाउंट आदि)]
जिस गाड़ी का इंश्योरेंस हुआ है उसका घोषित मूल्य (IDV) - वाहन का शोरूम मूल्य + सहायक उपकरण की कीमत (अगर कोई हो) - (IRDAI) के अनुसार डेप्रिसिएशन
ओडी (OD) इंश्योरेंस प्रीमियम कैसे कम करें?
वॉलंटरी डिडक्टिबल्स बढ़ाएं - ओडी (OD) इंश्योरेंस में 'वॉलंटरी डिडक्टिबल्स' क्लेम के दौरान आपके द्वारा भुगतान की जाने वाली राशि है। इसलिए, अपनी सुविधा के अनुसार आप अपने वॉलंटरी डिडक्टिबल्स का प्रतिशत बढ़ा सकते हैं, जो सीधे आपके ओडी (OD) प्रीमियम को कम कर देगा।
सही IDV घोषित करें - डिजिट आपको अपने आईडीवी (IDV) को कस्टमाइज करने का विकल्प देता है। इसलिए, सुनिश्चित करें कि आपका आईडीवी (IDV) हमेशा सही है क्योंकि यह आपके ओडी प्रीमियम और क्लेम सेटलमेंट के दौरान आपकी क्लेम राशि दोनों को प्रभावित करेगा।
अपना NCB ट्रांसफर करना न भूलें - अगर आपने पहले खुद से होने वाले नुकसान या कॉम्प्रिहेंसिव मोटर इंश्योरेंस पॉलिसी ली है, तो आप अपनी जमा हुई छूट लेने के लिए अपनी वर्तमान पॉलिसी में अपना NCB ट्रांसफर सुनिश्चित करें।
थर्ड-पार्टी प्रीमियम और ओन डैमेज प्रीमियम के बीच अंतर
हम जानते हैं कि भारत में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अनुसार हमारे पास दो प्रकार की नीतियां हो सकती हैं। एक ओन डैमेज और लायबिलिटी कवर के साथ कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी हो सकती है, और दूसरी एक स्टैंडअलोन थर्ड-पार्टी लायबिलिटी पॉलिसी हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में, लायबिलिटी क्लेम की संख्या बढ़ी है जिसकी वजह से थर्ड-पार्टी प्रीमियम भी बढ़े हैं।
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थर्ड-पार्टी प्रीमियम |
ओन डैमेज प्रीमियम |
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कैलकुलेशन का आधार |
यह वाहन की क्यूबिक क्षमता के आधार पर इंश्योरेंस नियामक द्वारा तय किया जाता है। |
दूसरी ओर, ओन डैमेज प्रीमियम की गणना इंश्योरेंस वाली गाड़ी के घोषित मूल्य, खरीद के वर्ष, स्थान और वाहन के प्रकार के आधार पर की जाती है। |
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स्थिरता |
थर्ड-पार्टी प्रीमियम को नियामक (आईआरडीएआई- IRDAI) द्वारा बढ़ाया और घटाया जा सकता है। |
खुद के नुकसान पर प्रीमियम कम हो जाएगा क्योंकि वाहन के मूल्य में हर गुजरते साल से डेप्रिसिएशन होगा। |
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मोटर प्रीमियम में शेयर करें |
हमेशा मोटर पॉलिसी में तय की गई हिस्सेदारी होगी, चाहे वह कॉम्प्रिहेंसिव हो या स्टैंडअलोन। |
यह मोटर पॉलिसी प्रीमियम में हिस्सा बना भी सकता है और नहीं भी। |
मुझे क्या मिलना चाहिए?
ओन डैमेज इंश्योरेंस, थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस या कंप्रिहेंसिव इंश्योरेंस?
यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने वाहन और अपनी खर्च दोनों के लिए किस तरह की कवरेज और सुरक्षा चाहते हैं! आपके लिए सबसे बेहतर होगा कॉप्रिहेंसिव इंश्योरेंस लेना, क्योंकि यह थर्ड पार्टी नुकसान और ओन डैमेज दोनों को कवर करता है।
हालांकि, यदि आपके पास पहले से ही एक वैलिड थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस है, तो आप अपने वाहन के लिए ओडी (OD) इंश्योरेंस लेकर पूरा कवरेज प्राप्त कर सकते हैं।
क्लेम के समय दी जाने वाली कवरेज की कुल राशि, पॉलिसी में लिखी गई शर्तों और जाहिर तौर पर आपकी इंश्योरेंस योजना पर निर्भर करेगी। हर साल कवरेज की सीमा और ओन डैमेज प्रीमियम में बदलाव होता है क्योंकि वाहन के मूल्य का डेप्रिसिएशन होता है।