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क्रेडिट रिपोर्ट क्या होती है?

क्रेडिट रिपोर्ट अहम क्यों होती है?

अपनी क्रेडिट रिपोर्ट कैसे पाएं?

क्रेडिट रिपोर्ट में कौन सी जानकारी शामिल होती है?

क़र्ज़दाता आपके क्रेडिट रिपोर्ट में क्या देखते हैं?

अक्सर पूछे जाने वले सवाल

क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट के बीच क्या अंतर होता है?

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क्रेडिट स्कोर 300-900 के बीच तीन-संख्या का नंबर होता है जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट साख को दर्शाता है। हालांकि, क्रेडिट रिपोर्ट (ये क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट या सीआईआर के नाम से भी जानी जाती है) क्रेडिट हिस्ट्री का ज्यादा व्याख्यात्मक रूप होती है।

क्रेडिट स्कोर 300-900 के बीच तीन-संख्या का नंबर होता है जो किसी व्यक्ति की क्रेडिट साख को दर्शाता है। हालांकि, क्रेडिट रिपोर्ट (ये क्रेडिट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट या सीआईआर के नाम से भी जानी जाती है) क्रेडिट हिस्ट्री का ज्यादा व्याख्यात्मक रूप होती है।

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट कितनी बार अपडेट की जाती है?

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आमतौर पर, क़र्ज़दाता, बैंक और अन्य लेनदार आपकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को मासिक आधार पर देते रहते हैं (हालांकि, महीने के जिस दिन वो ये जानकारी भेजते हैं, वो अलग हो सकती है)। इसलिए, आपके लेनदार कब आपकी पेमेंट हिस्ट्री भेजते हैं, इसके मुताबिक क्रेडिट रिपोर्ट मासिक आधार पर अपडेट हो जाती है।

आमतौर पर, क़र्ज़दाता, बैंक और अन्य लेनदार आपकी जानकारी क्रेडिट ब्यूरो को मासिक आधार पर देते रहते हैं (हालांकि, महीने के जिस दिन वो ये जानकारी भेजते हैं, वो अलग हो सकती है)। इसलिए, आपके लेनदार कब आपकी पेमेंट हिस्ट्री भेजते हैं, इसके मुताबिक क्रेडिट रिपोर्ट मासिक आधार पर अपडेट हो जाती है।

आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट कितनी बार देख सकते हैं?

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आरबीआई ने व्यक्तियों के लिए हर क्रेडिट ब्यूरो से एक फ्री क्रेडिट रिपोर्ट लेना अनिवार्य बना दिया है। साल में कम से कम एक बार क्रेडिट रिपोर्ट जांचने की सलाह दी जाती है, फिर भी हर तिमाही ये जांच करना बेहतर होता है। हालांकि, अगर आप अक्सर ही क्रेडिट एक्टिविटी करते हैं तो आप इसे और ज्यादा बार भी जांच सकते हैं। ध्यान रखिए कि अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की खुद जांच करने को “सॉफ्ट इंक्वायरी” कहा जाता है और ये आपकी क्रेडिट रिपोर्ट या स्कोर पर असर नहीं डालता है।

आरबीआई ने व्यक्तियों के लिए हर क्रेडिट ब्यूरो से एक फ्री क्रेडिट रिपोर्ट लेना अनिवार्य बना दिया है।

साल में कम से कम एक बार क्रेडिट रिपोर्ट जांचने की सलाह दी जाती है, फिर भी हर तिमाही ये जांच करना बेहतर होता है। हालांकि, अगर आप अक्सर ही क्रेडिट एक्टिविटी करते हैं तो आप इसे और ज्यादा बार भी जांच सकते हैं।

ध्यान रखिए कि अपनी क्रेडिट रिपोर्ट की खुद जांच करने को “सॉफ्ट इंक्वायरी” कहा जाता है और ये आपकी क्रेडिट रिपोर्ट या स्कोर पर असर नहीं डालता है।

नियमित क्रेडिट स्कोर जांचना कितना जरूरी होता है?

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अगर आप नियमित तौर पर अपने क्रेडिट अकाउंट (जैसे क्रेडिट कार्ड या क़र्ज़) का इस्तेमाल करते हैं तो ये जरूरी है कि आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर की नियमित तौर पर जांच करें। अपना क्रेडिट स्कोर जांचकर आप खरीदारी से जुड़े बड़े निर्णय ले पाएंगे और आपको ये सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर रहे।  इसके अरितिक्त, अगर कोई भी गलतियां या जानकारियां हैं जिसको आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सुधारा जाना है तो आप उन्हें पहचानकर सही करा सकते हैं।

अगर आप नियमित तौर पर अपने क्रेडिट अकाउंट (जैसे क्रेडिट कार्ड या क़र्ज़) का इस्तेमाल करते हैं तो ये जरूरी है कि आप अपनी क्रेडिट रिपोर्ट और क्रेडिट स्कोर की नियमित तौर पर जांच करें। अपना क्रेडिट स्कोर जांचकर आप खरीदारी से जुड़े बड़े निर्णय ले पाएंगे और आपको ये सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी कि आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर रहे। 

इसके अरितिक्त, अगर कोई भी गलतियां या जानकारियां हैं जिसको आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में सुधारा जाना है तो आप उन्हें पहचानकर सही करा सकते हैं।

आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में किसी तरह की गलतियां हो सकती हैं?

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कुछ सामान्य गलतियां जो आपके क्रेडिट रिपोर्ट हो सकती हैं, वो हैं: पुरानी जानकारी: पुरानी हो चुकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पता, कॉन्टेक्ट नंबर वगैरह। खाते की गलत जानकारी: खाते का गलत नंबर, गलत पेमेंट हिस्ट्री या अन्य जानकारी।     खाते में गलतियां: आपके नाम से जुड़े खाते छूट गए हैं, या किसी और का गलत खाता जोड़ दिया गया है। इसमें गलत रिपोर्ट और गलत पहचान शामिल हो सकते हैं। लिपिकीय गलतियां: आपके जन्म की तारीख, कांटेक्ट नंबर में हुई गलतियों की वजह से भी पहचान से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। ये बहुत जरूरी है कि इन गलतियों को डिस्प्यूट रिजोल्यूशन फॉर्म का इस्तेमाल करके जल्दी से जल्दी सुधार लिया जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर गहरा असर हो सकता है। और भी खराब स्थिति की बात करें तो इसकी वजह से पहचान की गलती या पहचान को चुराया भी जा सकता है। अगर सुलझाया ना जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है।

कुछ सामान्य गलतियां जो आपके क्रेडिट रिपोर्ट हो सकती हैं, वो हैं:

  • पुरानी जानकारी: पुरानी हो चुकी व्यक्तिगत जानकारी जैसे पता, कॉन्टेक्ट नंबर वगैरह।
  • खाते की गलत जानकारी: खाते का गलत नंबर, गलत पेमेंट हिस्ट्री या अन्य जानकारी।    
  • खाते में गलतियां: आपके नाम से जुड़े खाते छूट गए हैं, या किसी और का गलत खाता जोड़ दिया गया है। इसमें गलत रिपोर्ट और गलत पहचान शामिल हो सकते हैं।
  • लिपिकीय गलतियां: आपके जन्म की तारीख, कांटेक्ट नंबर में हुई गलतियों की वजह से भी पहचान से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

ये बहुत जरूरी है कि इन गलतियों को डिस्प्यूट रिजोल्यूशन फॉर्म का इस्तेमाल करके जल्दी से जल्दी सुधार लिया जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसका आपके क्रेडिट स्कोर पर गहरा असर हो सकता है। और भी खराब स्थिति की बात करें तो इसकी वजह से पहचान की गलती या पहचान को चुराया भी जा सकता है। अगर सुलझाया ना जाए तो यह गंभीर समस्या हो सकती है।

क्रेडिट रिपोर्ट में गलती कैसे सुधारें?

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अगर आपको क्रेडिट रिपोर्ट में कोई परेशानी या गलती मिलती है तो समस्या हल करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें: चरण 1: नियमित तौर पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखें और गलतियों की पहचान करें। चरण 2: पहचान हो जाने के बाद, गलती के लिए संबंधित अथॉरिटी को रिपोर्ट कर दें। उदाहरण के लिए, वित्तीय संस्थान पर अगर गलती है तो क्रेडिट ब्यूरो की ओर से बदलाव किए जाने से पहले आपको इसे सुधारना होगा। चरण 3: अगर संबंधित व्यक्ति ने रिपोर्ट किए जाने के 30 दिनों के अंदर सुधार नहीं किए हैं, तो गलती सुधारने के लिए आप लोकपाल (या सरकारी अधिकारी) से संपर्क कर सकते हैं। चरण 4: एक बार जब सुधार कर दिए जाएंगे (या फिर गलतियां सुधारना संभव न हो) तो क्रेडिट ब्यूरो इसके बारे में सूचना दे देगा।  गलतियों की सूचना देने के लिए आप डिस्प्यूट फॉर्म यहां से ले सकते हैं: सिबिल, एक्पीरियन, सीआरआईएफ हाइमार्क या इक्वीफेक्स।

अगर आपको क्रेडिट रिपोर्ट में कोई परेशानी या गलती मिलती है तो समस्या हल करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें:

चरण 1: नियमित तौर पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखें और गलतियों की पहचान करें।

चरण 2: पहचान हो जाने के बाद, गलती के लिए संबंधित अथॉरिटी को रिपोर्ट कर दें। उदाहरण के लिए, वित्तीय संस्थान पर अगर गलती है तो क्रेडिट ब्यूरो की ओर से बदलाव किए जाने से पहले आपको इसे सुधारना होगा।

चरण 3: अगर संबंधित व्यक्ति ने रिपोर्ट किए जाने के 30 दिनों के अंदर सुधार नहीं किए हैं, तो गलती सुधारने के लिए आप लोकपाल (या सरकारी अधिकारी) से संपर्क कर सकते हैं।

चरण 4: एक बार जब सुधार कर दिए जाएंगे (या फिर गलतियां सुधारना संभव न हो) तो क्रेडिट ब्यूरो इसके बारे में सूचना दे देगा। 

गलतियों की सूचना देने के लिए आप डिस्प्यूट फॉर्म यहां से ले सकते हैं: सिबिल, एक्पीरियन, सीआरआईएफ हाइमार्क या इक्वीफेक्स