1 अक्टूबर 2020 से नए मोटर वाहन नियम
1988 में मोटर व्हीकल एक्ट लागू हुआ। इस अधिनियम के बाद भारतीय सड़कों पर चलने वाले सभी मोटर चालित वाहनों के लिए बीमा पॉलिसी अनिवार्य कर दी गई है।
इसके अतिरिक्त, वाहन मालिकों को वाहन चलाते समय लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन और व्हीकल इंश्योरेंस के दस्तावेज़ साथ रखने होते हैं। इन नियमों का पालन नहीं करने की स्थिति में भारी जुर्माना लगता है और यहां तक कि ड्राइविंग लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
1 अक्टूबर-2020 से, भारतीयों को परिवर्तित नियमों का पालन करना होगा, जिसमें केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में निर्धारित दिशा-निर्देशों को बदला गया है।
हाल ही में हुए बदलाव, यातायात कानून प्रवर्तन में सुधार के लिए डिजिटल निगरानी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता देता है। आईटी और इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग की मदद से भारतीय सड़कें सुरक्षित हो रही हैं।
यातायात नियमों में बदलाव - 1 अक्टूबर 2020 से प्रभावी
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कारक |
नए नियम |
पुराने नियम |
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फिजिकल दस्तावेज़ |
व्यक्ति अब इन दस्तावेजों को अपने फोन पर डिजिटल फॉर्मेट में रख सकते हैं। इसलिए, कागजात को फिजिकल रूप से ले जाने की जरूरत नहीं है। |
वाहन मालिकों को अब तक वाहन चलाते समय अपने साथ इंश्योरेंस, प्रदूषण, रजिस्ट्रेशन और अन्य दस्तावेज़ अपने साथ रखने की जरूरत होती थी। |
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लाइसेंस निरस्त करना |
अब ड्राइवरों को किसी भी दस्तावेज़ की फिजिकल कॉपी लेकर नहीं चलना होता है, ट्रैफ़िक अधिकारी अब यह चीज़ें डिजिटल तरीके से निरस्त करते हैं। इस मामले में लाइसेंस का निलंबन लगभग तत्काल होता है। |
यातायात अधिकारी निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आपके फिजिकल ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी का उपयोग करते हैं। |
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निरस्त लाइसेंस का स्टोरेज |
निरस्त किए गए सभी लाइसेंस का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से रखा जाता है। |
निरस्त किए गए लाइसेंस का रिकॉर्ड पहले कागजों पर रखा जाता था। |
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चालान |
नए नियमों के लागू होने के बाद , ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये ई-चालान जारी किए जाते है। |
इसके पहले, चालान फिजिकल रूप से जारी किए जाते थे। |
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वाहन चलाते हुए मोबाइल का इस्तेमाल |
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग केवल रूट नेविगेशन के लिए किया जा सकता है। |
वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग सख्त वर्जित था। |
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दस्तावेजों के लिए एप्लीकेशन सपोर्ट |
व्यक्ति एम-परिवहन और/या डिजी-लॉकर पर सभी वाहन और ड्राइविंग दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। |
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यातायात की निगरानी और रेगुलेशन में आसानी के अलावा, नए नियम वाहन मालिकों की तरफ से महत्वपूर्ण सुविधा देते हैं। कई मामलों में महत्वपूर्ण दस्तावेजों को फिजिकली ले जाना कठिन होता है।
इसके अलावा, इन दस्तावेजों को ले जाने से उनके गुम होने की संभावना बढ़ जाती है। डिजिटल स्टोरेज सुविधाओं के साथ, चालक अब मूल दस्तावेजों को सुरक्षित रूप से घर पर छोड़ सकते हैं।
नियमों में एक और महत्वपूर्ण बदलाव ड्राइविंग करते समय नेविगेशन के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करने को वैध करना है। अधिकांश ड्राइवर आज रीयल-टाइम जीपीएस लोकेशन ट्रैकिंग के लिए अपने फोन के मौजूद मैप एप्लीकेशन पर भरोसा करते हैं।
यह सही है क्योंकि वे नई जगहों पर गाड़ी चलाते हैं जिनके बारे में वे बिलकुल नहीं जानते हैं। ऐसे जीपीएस-इनेबल ऐप, सड़क पर ड्राइवरों को अपने जीवन या दूसरों के जीवन को खतरे में डाले बिना अपना रास्ता खोजने में मदद कर सकते हैं।
गाड़ी चलाते समय किसी अन्य काम के लिए अपने फ़ोन का उपयोग करना एक दंडनीय अपराध है। एक अन्य महत्वपूर्ण कारक को ध्यान में रखना है कि यह डिजिटलीकरण प्रक्रिया अच्छी तरह से चल रही है, ड्राइवर 31 दिसंबर, 2020 तक मौजूदा परमिट, लाइसेंस, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन का फिजिकल रूप में उपयोग कर सकते थे। पुलिस अधिकारी और यातायात अधिकारी ऐसे फिजिकल दस्तावेज़ों को तब तक वैध मानेंगे।
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