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उम्र आपके हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर कैसे असर डालती है?

देश में लोग हेल्थ इंश्योरेंस की अहमियत को समझने लगे हैं, क्योंकि यह आपातकालीन मेडिकल स्थितियों में वित्तीय सुरक्षा दे सकता है। हालांकि, सोचने वाली बात यह है कि इसके लिए आपको कितना प्रीमियम चुकाना होगा।

इस प्रीमियम पर असर डालने वाला एक प्रमुख कारक आपकी उम्र है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपका इंंश्योरेंस प्रीमियम भी उसी अनुपात में बढ़ता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वृद्धावस्था का मतलब मृत्यु की ज्यादा आशंका के साथ-साथ, अस्पताल में भर्ती होने और मेडिकल खर्च की भी ज़्यादा संभावना होती है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी 25 वर्ष के इंडिविजुअल को 3 लाख की सम इंश्योर्ड वाले एक हेल्थ इंश्योरेंस के लिए सालाना 2,414 रूपये का का प्रीमियम देना पड़ता है, तो 50 वर्ष के इंडिविजुअल को उसी राशि के लिए सालाना 6,208 रूपये का भुगतान करना पड़ सकता है।

उम्र के साथ हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम क्यों बढ़ता है?

बढ़ता हुआ हेल्थ जोखिम

जैसे-जैसे इंडिविजुअल की उम्र बढ़ती है, स्वास्थ्य संबंधी जोखिम की संभावना बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि उन्हें बीमारियों, चोटों और अन्य मेडिकल स्थितियों के लिए अस्पताल में भर्ती होने की ज़्यादा संभावना है। इसलिए, इन्शुरर के लिए, उनके द्वारा क्लेम करना सामान्य जोखिम से ज़्यादा हैं।

उनके स्वास्थ्य जोखिमों के कारण पैदा होन वाले इन अतिरिक्त नुकसानों को कवर करने के लिए, इन्शुरर ज़्यादा प्रीमियम मांगेंगी।

इलाज के बढ़ते खर्च

जब हमारी उम्र हो जाती है, तो आपको हेल्थकेयर, इलाज और यहां तक कि सर्जरी सहित अपने बढ़ते मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए बड़ी राशि की ज़रूरत होगी। इसका मतलब है कि आपको अपने मेडिकल खर्चों को कवर करने के लिए ज़्यादा सम इंश्योर्ड की ज़रूरत होगी। और इसका सीधा असर प्रीमियम की दर पर पड़ेगा।

इसके अलावा, जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपके जोखिम कारकों को तय करना और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का अनुमान लगाना भी ज़्यादा मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि कई इन्शुरर लगभग 65-80 वर्षों में एक नई हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्तियों के लिए एक आयु सीमा तय करती हैं।

क्रिटिकल इलनेस का ज़्यादा जोखिम

दुर्भाग्य से, उम्र बढ़ने के साथ क्रिटिकल इलनेस होने की भी संभावाना बहुत बढ़ जाती है। इसमें स्ट्रोक, कैंसर, किडनी फेल होने, दिल का दौरा और दिल से जुड़ी समस्याएं जैसी कई बीमारियां शामिल हैं।

इसलिए, उन्हें ऐसे हालात के लिए कवर लेने की ज़रूरत पड़ेगी, जैसे कि एक विशिष्ट क्रिटिकल इलनेस कवर, या ज़्यादा सम इंश्योर्ड। दोनों मामलों में, किसी को ज़्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है।

पहले से मौजूद स्थितियां

बुजुर्ग व्यक्तियों में डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, या अस्थमा जैसी पहले से मौजूद मेडिकल स्थिति होने की संभावना ज़्यादा होती है। जब कोई इंडिविजुअल बुजुर्ग होता है, तो पहले से मौजूद स्थिति होने की संभावना के अलावा, वह स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और इसलिए ज़्यादा मेडिकल देखभाल की ज़रूरत होती है।

इस संभावना के कारण, बुजुर्ग लोगों को युवा लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा प्रीमियम का भुगतान करना पड़ सकता है।

हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने की सही उम्र क्या है?

युवा अवस्था में हेल्थ इंश्योरेंस खरीदना सबसे अच्छा समय होगा। आदर्श रूप से आपको अपने 20 के दशक में ऐसा करना चाहिए, जब आपने अपना पेशेवर करियर शुरू किया हो।

ऐसा इसलिए है क्योंकि जब आप युवा होते हैं तो प्रीमियम बहुत सस्ता होता है, और आप ज़िंदगी में किसी भी वेटिंग पीरियड को पहले ही पूरा कर पाएंगे, ताकि अगर कुछ होता भी है, तो आप को कवर किया जा सके। आप क्लेम-फ़्री वर्षों के लिए संचयी बोनस भी पा सकते हैं और अपनी सम इंश्योर्ड को बढ़ा सकते हैं।

इसके अलावा, बीमारियां या दुर्घटनाएं युवा लोगों पर भी असर डाल सकती हैं। इसलिए, अगर आपको कभी किसी दुर्घटना, चोट या बीमारी के इलाज की ज़रूरत होती है, तो हेल्थ इंश्योरेंस होने से यह तय होगा कि आपको अपनी शुरुआती बचत को खर्च नहीं करना पड़ेगा।

 

सीनियर सिटिजन हेल्थ इंश्योरेंस क्या है?

अगर आपकी पहले से ही बहुत उम्र हो चुकी है, तो निश्चित रूप से पिछले समय में वापस जाना और युवा होने के दौरान हेल्थ इंश्योरेंस लेना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में, सीनियर सिटिजनों के लिए खास हेल्थ इंश्योरेंस लिया जा सकता है।

सीनियर सिटिजन हेल्थ इंश्योरेंस को बुजुर्ग लोगों की जरूरतों के अनुसार बनाया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, मेडिकल इलाज और क्रिटिकल इलनेस, सालाना चेक-अप, दुर्घटनाओं और अन्य जैसे मेडिकल खर्चों के लिए आर्थिक रूप से कवर करता है।

भले ही उम्र का आपके हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर असर पड़ता है, फिर भी एक सस्ती पॉलिसी पाना संभव है जो आपकी सभी जरूरतों को कवर करती हो। ऐसा करने के लिए, आप अलग-अलग इंंश्योरेंस विकल्पों की तुलना कर सकते हैं, और अपनी उम्र के आधार पर सबसे कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज वाले को चुन सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी उम्र में कम कीमत पर अतिरिक्त कवरेज पाने के लिए, आप सुपर टॉप-अप प्लान या पारिवारिक छूट विकल्प चुन सकते हैं। इस तरह, आप किसी भी उम्र में सब से अच्छा मेडिकल इंंश्योरेंस कवरेज पा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगर मेरी उम्र ज़्यादा है तो मुझे हेल्थ इंश्योरेंस के लिए ज़्यादा प्रीमियम क्यों देना होगा?

जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, उम्र के साथ-साथ हमारे शरीर और जीवनशैली में बदलाव के कारण छोटी-बड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इससे हमारी हेल्थकेयर का भी खर्च बढ़ जाता है। इसलिए, इससे हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम भी बढ़ जाता है।

क्या हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम उम्र के साथ बदलता है?

हां, उम्र के साथ आपका हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ता जाएगा क्योंकि ऐसा माना जाता है कि जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, स्वास्थ्य समस्याओं की संभावना भी बढ़ती जाती है। इसलिए प्रीमियम राशि भी बढ़ जाती है।

उम्र के अलावा, अन्य कौन से कारक हैं जो आपकी हेल्थ इंश्योरेंस की कीमत पर असर डालेंगे?

उम्र के अलावा, ऐसे कई कारक हैं जो आपकी पॉलिसी के लिए भुगतान की जाने वाली प्रीमियम राशि पर असर डाल सकते हैं। इनमें से मख्य हैं:

  • मेडिकल की स्थिति
  • पहले से मौजूद स्थितियां
  • स्मोकिंग की आदत
  • व्यवसाय
  • निवास स्थान
  • मोटापा
  • परिवार की मेडिकल हिस्ट्री

अगर मैं एक सीनियर सिटिजन हूं तो मुझे हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में क्या देखना चाहिए?

सीनियर सिटिजनों के लिए सबसे अच्छे इंश्योरेंस प्लान कम प्रीमियम वाले नहीं हैं। क्योंकि उन्हें युवा लोगों के मुक़ाबले ज़्यादा कवरेज की ज़रूरत होती है, इसलिए ऐसा हेल्थ इंश्योरेंस प्लान चुनने की कोशिश करें जो आपको किफ़ायती प्रीमियम और ज़्यादा सम इंश्योर्ड दे। इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखें:

  • पक्का करें कि आपकी सम इंश्योर्ड एक बुजुर्ग इंडिविजुअल की जरूरतों के लिए पर्याप्त होगी।
  • न्यूनतम वेटिंग पीरियड वाला प्लान चुनें।
  • हमेशा देख लें कि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या कवर किया गया है और क्या नहीं, और आवासीय इलाज, और अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद के खर्चों के लिए कवरेज का विकल्प चुनने की कोशिश करें।
  • देख लें कि कंपनी के पास तुरंत क्लेम निपटान अनुपात और नेटवर्क अस्पतालों की एक विस्तृत श्रृंखला है।
  • अगर आप कर सकते हैं, तो क्रिटिकल इलनेस कवर, आयुष कवर आदि जैसे ऐड-ऑन के साथ अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्लान को कस्टमाइज़ करें।